मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर एक कड़ा फैसला लेते हुए “कम्फर्ट” (Comfort) और “स्लीप वेल” (Sleep Well) ब्रांड की मच्छर अगरबत्तियों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई का आदेश दिया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये उत्पाद कीटनाशी अधिनियम, 1968 के तहत पंजीकृत नहीं हैं और इनमें अवैध रसायनों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी कीटनाशी निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए तुरंत छापेमारी करें और अवैध स्टॉक को जब्त कर कानूनी कार्यवाही शुरू करें।
लैब परीक्षण में हुआ खुलासा, HICA ने किया स्वागत यह कार्रवाई होम इंसैक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (HICA) की शिकायतों और लैब परीक्षणों के बाद की गई है। परीक्षणों में इन अगरबत्तियों में गैर-स्वीकृत और खतरनाक कीटनाशकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी, जो सांस लेने में तकलीफ और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। HICA के मानद सचिव जयंत देशपांडे ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि ये अवैध उत्पाद उपभोक्ताओं को भ्रमित कर बेचे जा रहे थे। उन्होंने सभी राज्यों से ऐसी निरंतर कार्रवाई की अपील की है।
खुदरा विक्रेताओं और दुकानदारों को सख्त चेतावनी महाराष्ट्र सरकार ने सभी वितरकों और दुकानदारों को सूचित किया है कि बिना पंजीकरण वाले कीटनाशी उत्पादों का स्टॉक रखना या उन्हें बेचना एक दंडनीय अपराध है। विभाग ने निर्देश दिया है कि जो भी दुकानदार इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही की जाएगी। उपभोक्ताओं को भी सलाह दी गई है कि वे केवल वही उत्पाद खरीदें जिन पर वैध CIBRC (सेंट्रल इंसैक्टिसाइड रजिस्ट्रेशन) संख्या अंकित हो, ताकि परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
