मुंबई : भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने देश की खाद्य सुरक्षा में किसानों के अतुलनीय योगदान को सम्मानित करने के लिए 15 दिवसीय राष्ट्रव्यापी ‘अन्नदाता उत्सव’ का सफल आयोजन किया। इस व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत बैंक ने अपनी लगभग 15,000 ग्रामीण और अर्ध-शहरी शाखाओं में ‘ग्राम चौपालों’ का आयोजन किया। इस पहल के माध्यम से एसबीआई ने न केवल प्रगतिशील किसानों और कृषि उद्यमियों को सम्मानित किया, बल्कि कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए अपनी वित्तीय प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
उत्सव के दौरान आयोजित सत्रों में किसानों को ‘उत्पादक से प्रसंस्कर्ता’ (Producer to Processor) बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैंक के अधिकारियों ने भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे कृषि अवसंरचना निधि (AIF), पीएम-कुसुम, और एफपीओ (FPO) वित्तपोषण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, एसबीआई के विशेष उत्पादों जैसे एग्री एंड फूड एंटरप्राइज लोन (AFEL) और किसान समृद्धि ऋण के लाभों को भी रेखांकित किया गया। इन सत्रों का उद्देश्य फसल उत्पादन से लेकर भंडारण और प्रसंस्करण तक पूरी मूल्य श्रृंखला में बैंक के सहयोग को प्रदर्शित करना था।
वित्तीय सशक्तिकरण के साथ-साथ, सिबिल (CIBIL) और क्रिफ (CRIF) के सहयोग से वित्तीय साक्षरता सत्र भी आयोजित किए गए। इनमें किसानों को ऋण अनुशासन, साइबर धोखाधड़ी से बचाव और आरबीआई के जमाकर्ता जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में शिक्षित किया गया। इस 15 दिवसीय उत्सव का समापन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के संवाद के साथ हुआ। 1.24 लाख से अधिक हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के साथ, यह कार्यक्रम एक समावेशी और समृद्ध कृषि अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में एसबीआई के अटूट समर्थन का प्रतीक बना।


