हैदराबाद : विश्व निद्रा दिवस (14 मार्च) के अवसर पर हार्टफुलनेस और टीआईई ग्लोबल ने उद्यमियों के बीच नींद की बढ़ती समस्या पर ध्यान आकर्षित करते हुए एक सर्वेक्षण जारी किया है। इस सर्वेक्षण में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे के कुल 260 उत्तरदाताओं (200 से अधिक स्टार्टअप संस्थापक और 50 से अधिक तकनीकी पेशेवर) ने भाग लिया। सर्वेक्षण के अनुसार, 55% से अधिक स्टार्टअप संस्थापक और व्यवसायी नींद की कमी से जूझ रहे हैं।
उद्यमियों को लंबे समय तक काम करने की मांग, उच्च दबाव वाले निर्णय लेने और वित्तीय अस्थिरता के कारण नींद संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल उनकी उत्पादकता पर असर पड़ रहा है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।
नींद की कमी के प्रभाव
सर्वेक्षण में सामने आए प्रमुख निष्कर्षों के अनुसार:
✅ 55% से अधिक उद्यमियों को पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है।
✅ 40% उत्तरदाताओं ने बताया कि तनाव, चिंता और पर्यावरणीय कारणों से उनकी नींद प्रभावित हो रही है।
✅ 83% उद्यमी सोने से पहले अपने फोन का उपयोग करते हैं, जिससे नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ता है।
✅ 4 में से 1 उद्यमी को प्रतिदिन छह घंटे से भी कम नींद मिलती है।
✅ 80% से अधिक पेशेवरों ने माना कि खराब नींद उनके काम के प्रदर्शन, एकाग्रता और कार्यस्थल के संबंधों को प्रभावित करती है।
तनाव और चिंता प्रमुख कारण
तनाव और चिंता को नींद की समस्या के मुख्य कारणों के रूप में पहचाना गया है। आधे से अधिक उत्तरदाताओं ने उच्च स्तर के तनाव की शिकायत की, जिसका मुख्य कारण व्यवसाय संचालन, वित्तीय दबाव और टीम प्रबंधन की चुनौतियाँ हैं।
हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक श्रद्धेय दाजी का संदेश
हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक और श्री राम चंद्र मिशन के अध्यक्ष श्रद्धेय दाजी ने इस अवसर पर कहा:
“नींद केवल आराम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को पुनर्जीवित करने का एक अवसर है। अच्छी नींद से रचनात्मकता, निर्णय लेने की क्षमता और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है। स्वस्थ नींद की आदतें अपनाने से उद्यमियों के कामकाज और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएंगे।”
टीआईई ग्लोबल के अध्यक्ष मुरली बुक्कापटनम का बयान
टीआईई ग्लोबल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अध्यक्ष मुरली बुक्कापटनम ने कहा:
“स्टार्टअप संस्थापक और उद्यमी अक्सर सफलता की दौड़ में नींद को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह सर्वेक्षण स्पष्ट रूप से दिखाता है कि नींद की कमी का सीधा असर उनकी उत्पादकता, निर्णय लेने की क्षमता और समग्र प्रदर्शन पर पड़ रहा है। हार्टफुलनेस के साथ मिलकर हम उद्यमियों को एक संतुलित कार्य-जीवन शैली प्राप्त करने के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उद्यमियों के लिए नींद सुधारने की पहल
हार्टफुलनेस और टीआईई ग्लोबल ने उद्यमियों को नींद की समस्या से निपटने में मदद करने के लिए विशेष कार्यशालाओं की शुरुआत की है। पहली कार्यशाला 21 मार्च 2025 को वर्चुअल रूप से आयोजित की जाएगी। इसके बाद, सालभर में टीआईई के वैश्विक सम्मेलनों में नियमित रूप से ये कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी।
इन कार्यशालाओं में उद्यमियों के लिए निम्नलिखित विषयों को शामिल किया जाएगा:
🔹 तनाव प्रबंधन के लिए ध्यान तकनीक
🔹 नींद की गुणवत्ता में सुधार के लिए मानसिक स्वास्थ्य रणनीतियाँ
🔹 स्क्रीन टाइम को कम करने के उपाय
🔹 समग्र कल्याण के लिए दैनिक रूटीन की योजना
शोध के महत्वपूर्ण निष्कर्ष
हाल के अध्ययनों के अनुसार:
- हर 45 मिनट की नींद की कमी से निर्णय लेने की क्षमता में 5% से 10% तक की गिरावट आ सकती है।
- अपर्याप्त नींद से रचनात्मकता, सामाजिक कौशल और अवसरों की पहचान करने की क्षमता कम हो जाती है।
- लंबे समय तक नींद की कमी से कार्यस्थल संबंधों और समग्र व्यावसायिक सफलता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
विशेषज्ञ की राय
वेलस्पैन यॉर्क अस्पताल में आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ और हार्टफुलनेस के अभ्यासी डॉ. जयराम थिम्मापुरम ने कहा:
“तनाव और नींद की समस्या का समाधान संभव है। हार्टफुलनेस ध्यान तकनीकों ने तनाव को प्रबंधित करने, बर्नआउट को कम करने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में प्रभावी परिणाम दिखाए हैं। उद्यमियों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत पर ध्यान दें।”
हार्टफुलनेस और टीआईई की साझेदारी का उद्देश्य
हार्टफुलनेस और टीआईई ग्लोबल की इस पहल का उद्देश्य उद्यमियों को नींद से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्रदान करना है।
👉 स्वस्थ नींद = उच्च उत्पादकता + बेहतर निर्णय लेने की क्षमता + संतुलित जीवनशैली
नींद की समस्या का समाधान जरूरी
यह सर्वेक्षण इस बात की पुष्टि करता है कि अच्छी नींद न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पेशेवर सफलता के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हार्टफुलनेस और टीआईई ग्लोबल ने उद्यमियों से अपनी नींद की आदतों पर ध्यान देने और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन के लिए स्वस्थ नींद को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।
👉 स्वस्थ नींद = सफल उद्यमिता


