मुंबई : सोलर सेक्टर में अब तक केवल बचत और सब्सिडी की चर्चा होती थी, लेकिन टाटा पावर ने इस विमर्श को बदलकर इसे एक भावनात्मक मोड़ दे दिया है। टाटा पावर सोलरूफ (Tata Power Solaroof) ने अपना नया अभियान “ये ऑन तो क्वालिटी लाइफलॉन्ग” लॉन्च किया है। इस अभियान का उद्देश्य रूफटॉप सोलर को महज एक तकनीकी उपकरण के बजाय एक आजीवन चलने वाले भरोसेमंद रिश्ते और घर के एक ‘मौन संरक्षक’ के रूप में स्थापित करना है।
बचत से बढ़कर, भविष्य का आश्वासन भारतीय संस्कृति में घर की नींव स्थायित्व और पीढ़ियों के प्यार पर टिकी होती है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए टाटा पावर ने अपने सोलर पैनल्स को “स्थायित्व में भागीदार” (Partner in Permanence) के रूप में पेश किया है। ज्योति कुमार बंसल, चीफ ब्रांड एंड कम्युनिकेशंस, टाटा पावर ने कहा कि यह अभियान बिजली बिलों की बचत की पारंपरिक चर्चा से आगे बढ़कर ‘मानसिक शांति’ और ‘विश्वसनीयता’ के उस वादे पर केंद्रित है, जो टाटा ब्रांड की पहचान है। यह उपभोक्ताओं को गर्व और सुकून का अनुभव कराने की एक अनूठी कोशिश है।
ठोस आंकड़ों और राष्ट्रीय मिशन का समर्थन इस भावनात्मक जुड़ाव को टाटा पावर की तकनीकी मजबूती का भी पूरा साथ प्राप्त है:
- वारंटी: सोलर मॉड्यूल्स पर 25 साल की लंबी वारंटी।
- अनुभव: 3.5 लाख से अधिक सफल इंस्टॉलेशन और 4.4 GW+ की विशाल क्षमता।
- बचत: बिजली बिलों में 80% तक की भारी कमी का ठोस प्रमाण।
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत एक करोड़ घरों को सोलर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। टाटा पावर इस राष्ट्रीय मिशन में एक विश्वसनीय सक्षमकर्ता (Enabler) की भूमिका निभा रहा है। कंपनी का मानना है कि सबसे अच्छे निवेश वे होते हैं जो समय के साथ खत्म नहीं होते, बल्कि जीवन भर साथ निभाते हैं।


