नई दिल्ली : राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने भारत के उच्च शिक्षा और स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए अपनी प्रमुख पहल ‘सेंटर फ़ॉर फ़्यूचर स्किल्स’ (CFS) के विस्तार की घोषणा की है। यह कैंपस-आधारित मॉडल मुख्यधारा की डिग्री के साथ उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और वैश्विक सर्टिफ़िकेशन को एकीकृत करता है, जिसका लक्ष्य अगले दशक में 10 लाख छात्रों को लाभान्वित करना है। एनएसडीसी के सीईओ श्री अरुणकुमार पिल्लई के अनुसार, यह मॉडल वर्तमान में 12 संस्थानों में सक्रिय है और अगले तीन वर्षों में देश भर में 22 और नए सेंटर जोड़ने की योजना है। हाल ही में कोच्चि के FISAT में नए केंद्र का उद्घाटन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीएफएस मॉडल एक ऑन-कैंपस हब के रूप में कार्य करता है जहाँ छात्र अपनी नियमित डिग्री के दौरान ही अतिरिक्त एकेडमिक क्रेडिट और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त सर्टिफ़िकेशन अर्जित कर सकते हैं। अग्रणी वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी के माध्यम से, यह पहल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, क्लाउड और एआई जैसे 200 से अधिक डोमेन में किफायती तकनीकी शिक्षा प्रदान करती है। स्नातक होने तक छात्र न केवल एक मजबूत प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो तैयार कर लेते हैं, बल्कि वे व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कार्यबल की जरूरतों के अनुरूप भी तैयार हो जाते हैं। एनएसडीसी का यह “ग्लोबल सर्टिफिकेशन स्टैक” भारतीय प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए भविष्य-तैयार कार्यबल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव है।


