डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना को अगले पांच साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। इसके अलावा खेलो इंडिया योजना के विस्तार, प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना और समुद्र मंथन योजना को भी मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी।
PM-Kisan योजना 2030-31 तक जारी रहेगी
केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है। इस पर करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी।

खेलो इंडिया योजना का विस्तार
सरकार ने खेलो इंडिया योजना के विस्तार को भी मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 36,441 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसमें 29,054 करोड़ रुपये खेलो इंडिया कार्यक्रम के लिए और 7,387 करोड़ रुपये राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को सहायता देने के लिए निर्धारित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य देशभर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करना और भारत को बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए मजबूत बनाना है।
प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने 5,070 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत जलाशयों पर 5,000 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इनमें ऊर्जा भंडारण (स्टोरेज) की सुविधा भी होगी।
सरकार का अनुमान है कि इस योजना से हर साल करीब एक करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा और 16 से 17 हजार रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
समुद्र मंथन योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये
केंद्रीय कैबिनेट ने समुद्र मंथन योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।
इस योजना का उद्देश्य गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देना है। इसके तहत ड्रिलिंग, नई खोज और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए सहायता दी जाएगी। अति गहरे समुद्र में एक कुएं की ड्रिलिंग पर 650 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान रखा गया है। सरकार का लक्ष्य घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना है।
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