Tuesday, November 3, 2026
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Raksha Bandhan 2026: सुबह इतने बजे तक बांधें भाई को राखी, राहुकाल में भूलकर भी न करें ये काम

सावन पूर्णिमा का पर्व रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते, प्यार और भरोसे का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उसकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं.

रक्षाबंधन 2026 को लेकर इस बार खास बात यह है कि राखी बांधने के दौरान भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा. ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए शुभ समय आसानी से मिल जाएगा. आइए जानते हैं इस साल रक्षाबंधन किस दिन मनाया जाएगा और राखी बांधने का सही मुहूर्त क्या है.

28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन

ज्योतिषीय गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी. उदयकाल में पूर्णिमा तिथि होने के कारण रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांधकर इस खास त्योहार को मना सकेंगी.

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई दोष नहीं रहेगा. इसलिए राखी बांधने के लिए शुभ समय भी काफी अच्छा रहेगा.

राखी बांधने का शुभ समय: सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक.

कुल अवधि: 3 घंटे 51 मिनट.

इस अवधि में बहनें शुभ समय देखकर भाई को राखी बांध सकती हैं और उनकी खुशहाली की कामना कर सकती हैं.

इस बार क्यों खास है रक्षाबंधन

रक्षाबंधन पर भद्रा काल का खास ध्यान रखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता. हालांकि 2026 में स्थिति अलग है. इस बार 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो जाएगी. यानी जब रक्षाबंधन के दिन लोग अपने दिन की शुरुआत करेंगे, तब भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा. यही वजह है कि इस साल राखी बांधने के लिए शुभ समय को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं होगी.

राहुकाल का भी रखें ध्यान

रक्षाबंधन के दिन राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा. शुभ कार्यों के लिए राहुकाल को उचित नहीं माना जाता. इसलिए संभव हो तो इस अवधि में राखी बांधने से बचें और शुभ मुहूर्त में ही भाई को राखी बांधें.

राखी की थाली में रखें ये चीजें

राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार कर लें. इसमें राखी के साथ रोली, अक्षत यानी चावल, दीपक और मिठाई जरूर रखें. सबसे पहले भाई के माथे पर रोली का तिलक लगाएं और अक्षत चढ़ाएं. इसके बाद भाई की आरती उतारकर उसकी दाईं कलाई पर राखी बांधें. अंत में उसे मिठाई खिलाएं और उसकी लंबी उम्र व सुखी जीवन की कामना करें. माना जाता है कि इस तरह विधि-विधान से राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास और मजबूत होता है.

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