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1.44 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं, 8 हजार से अधिक बनीं ‘लखपति दीदी’
खबर डिजिटल कटनी— मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशन में चल रहे इस अभियान ने हजारों ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया है।जिले में वर्तमान में 11,600 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 1.44 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं कृषि, पशुपालन और लघु उद्योग जैसे क्षेत्रों में काम कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। अब तक 8,023 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो प्रतिमाह औसतन 10 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान तक‘लखपति दीदी’ बन चुकी महिलाएं अब सालाना 1.20 लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। यह उपलब्धि केवल आर्थिक नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि का प्रतीक बन गई है।गांव की विकास वाहक बनीं दीदियांमिशन के तहत महिलाएं अब उद्यम सखी, बैंक सखी, कृषि सखी, पशु सखी और समता सखी जैसी भूमिकाओं में कार्य कर रही हैं। वे गांव-गांव में अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं की जानकारी भी उपलब्ध करा रही हैं।डिजिटल और वित्तीय सशक्तिकरणमहिलाएं अब मोबाइल ऐप के माध्यम से योजनाओं की मॉनिटरिंग कर रही हैं और कई समूह कियोस्क सेंटर संचालित कर रहे हैं। खास बात यह है कि महिलाएं अब अपने समूहों का वित्तीय ऑडिट भी स्वयं कर रही हैं, जो उनकी बढ़ती समझ और आत्मविश्वास को दर्शाता है।तकनीक में भी आगेबड़वारा की हेमलता दीदी ड्रोन के जरिए खेतों में कीटनाशक छिड़काव कर रही हैं। यह ग्रामीण महिलाओं की तकनीकी भागीदारी और बदलती सोच का उदाहरण है।प्रेरक सफलता की कहानियांग्राम पिलौंजी की अलका अवस्थी ने समूह से ऋण लेकर राइस मिल और किराना व्यवसाय शुरू किया और आज उनकी सालाना आय 12 से 15 लाख रुपये तक पहुंच गई है।वहीं आरती चौधरी सिलाई और पशुपालन से हर माह 15 से 20 हजार रुपये कमा रही हैं।पिपरिया कला की सपना पटेल ने ब्यूटी पार्लर और मनिहारी व्यवसाय से अपनी आय बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचा दी है।निष्कर्षकटनी जिले में ‘लखपति दीदी’ अभियान महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल बनकर उभरा है। यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधार रही है, बल्कि समाज में उनकी भूमिका को भी नई पहचान दे रही है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
खबर डिजिटल के लिए कटनी से संवाददाता सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट मो. 9131308087


