समग्र ई-केवाईसी में कटनी प्रदेश के पाँच अग्रणी जिलों में शामिल
12 लाख 21 हजार से अधिक नागरिकों का सत्यापन पूर्ण
कलेक्टर श्री तिवारी कर रहें ई-केवाईसी कार्य की नियमित समीक्षा
कटनी – शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पहुँचे, इसके लिए चलाए जा रहे समग्र ई-केवाईसी अभियान में कटनी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। समग्र आईडी को आधार से लिंक कर ई-केवाईसी पूर्ण करने के मामले में कटनी जिला प्रदेश के पाँच अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की नियमित मॉनिटरिंग एवं सतत समीक्षा के परिणामस्वरूप जिले ने प्रदेश में चतुर्थ स्थान अर्जित किया है।
अभियान के तहत अब तक जिले के 12 लाख 21 हजार 600 नागरिकों की समग्र ई-केवाईसी पूर्ण की जा चुकी है, जो कुल निर्धारित लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है। प्रशासन द्वारा शेष लक्ष्य को भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
जनपद पंचायत बहोरीबंद अव्वल
जिले में समग्र ई-केवाईसी के कार्य में जनपद पंचायत बहोरीबंद अग्रणी है, जहाँ अब तक 1 लाख 97 हजार 81 नागरिकों की ई-केवाईसी पूर्ण की जा चुकी है। वहीं नगर परिषद विजयराघवगढ़ अपेक्षाकृत अंतिम पायदान पर है, जहाँ 8 हजार 70 नागरिकों का सत्यापन कार्य पूरा किया गया है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत बड़वारा में 1 लाख 94 हजार 458, जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ में 1 लाख 80 हजार 730, जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में 1 लाख 77 हजार 434 नागरिकों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। जबकि नगर निगम कटनी में 1 लाख 67 हजार 952, जनपद पंचायत कटनी में 1 लाख 43 हजार 352, जनपद पंचायत रीठी में 1 लाख 25 हजार 239, नगर परिषद कैमोर में 14 हजार 108, नगर परिषद बरही में 13 हजार 176 नागरिकों का सत्यापन कार्य संपन्न किया जा चुका है।
नागरिक यहां करा सकते हैं समग्र ई-केवाईसी
जिले के नागरिक समग्र आईडी की आधार से ई-केवाईसी प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), कियोस्क एवं लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त नागरिक स्वयं समग्र पोर्टल (www.samagra.gov.in) तथा समग्र मोबाइल एप के जरिए भी यह प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
कलेक्टर श्री तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति तक इस कार्य को प्राथमिकता से गति प्रदान की जाए, ताकि जिले का प्रत्येक पात्र नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त कर सके।


