41 ऑपरेटरों को दिया जा रहा प्रशिक्षण, लेकिन गांवों में अब भी पानी की किल्लत
सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी (3 अप्रैल) – एक ओर जहां प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुधारने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल-जल योजनाओं में लगातार आ रही समस्याओं के बीच अब 41 वाल्व सह पंप ऑपरेटरों को जबलपुर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर यह प्रशिक्षण जरूर शुरू हुआ है, लेकिन सवाल यह उठता है कि जब पहले से ही योजनाएं संचालित हैं, तो अब प्रशिक्षण की जरूरत क्यों पड़ रही है। क्या पहले बिना प्रशिक्षित ऑपरेटरों के भरोसे ही पेयजल आपूर्ति चलाई जा रही थी?जानकारी के मुताबिक जिले की 407 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 10 प्रतिशत ऑपरेटरों को ही प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। ऐसे में बाकी गांवों की स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं या नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन का कहना है कि प्रशिक्षित ऑपरेटर आगे अन्य लोगों को भी प्रशिक्षित करेंगे, लेकिन यह प्रक्रिया कितनी प्रभावी होगी, यह आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल ग्रामीणों को तत्काल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।गौरतलब है कि हर साल गर्मी के मौसम में पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की बजाय अस्थायी उपायों पर ही जोर दिया जा रहा है। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भी कहीं सिर्फ कागजी कवायद बनकर न रह जाए, यह सबसे बड़ा सवाल है।


