खबर डिजिटल संवाददाता कटनी— नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में निगम अमले की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अब काम में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। सफाई कार्यों की समीक्षा के दौरान कई क्षेत्रों में सुस्त कार्यप्रणाली सामने आने पर निगमायुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दे दिए।बस स्टैंड सूर्या होटल, धर्मलोक हॉस्पिटल, शंकर टॉकीज रोड, जागृति कॉलोनी, बरगवां और कुम्हार मोहल्ला जैसे क्षेत्रों में नाला-सफाई की धीमी रफ्तार पर निगमायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मानसून से पहले हर हाल में नाले-नालियों की सफाई पूरी होनी चाहिए। साथ ही संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए।बैठक में अवैध कॉलोनियों पर भी बड़ा एक्शन प्लान सामने आया। निगमायुक्त ने कॉलोनी सेल को लंबित मामलों में एफआईआर की कार्रवाई तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि नियम विरुद्ध निर्माण शहर की व्यवस्थित विकास व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।इसी तरह बिना अनुमति संचालित हो रहे मैरिज गार्डनों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। निगमायुक्त ने उपयंत्रियों को वार्डवार सर्वे कर अवैध रूप से संचालित या नए विकसित हो रहे मैरिज गार्डनों की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने को कहा। संकेत साफ हैं कि आने वाले दिनों में अवैध मैरिज गार्डनों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी चेतावनी दी गई है। निगमायुक्त ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य है और उल्लंघन मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।बैठक में शहर को हराभरा बनाने के लिए एक नई पहल पर भी जोर दिया गया। निगमायुक्त ने ऐसा सार्वजनिक स्थल विकसित करने के निर्देश दिए जहां नागरिक अपने जन्मदिन, पूर्वजों की स्मृति या विशेष अवसरों पर पौधारोपण कर सकें। इसके लिए गड्ढों की तैयारी, पौधों की उपलब्धता और सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा के दौरान नदी, तालाब और सार्वजनिक कुओं की सफाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिन कुओं की सफाई पूरी हो चुकी है उनमें सुरक्षा के लिए जाली लगाने के निर्देश भी जल प्रदाय शाखा को दिए गए।जर्जर भवनों को लेकर भी निगम प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश से पहले खतरनाक भवनों को हटाने की कार्रवाई तेज की जाए ताकि किसी भी अप्रिय हादसे से बचा जा सके।इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर में व्यवसाय शुरू नहीं करने वालों पर नोटिस और लीज निरस्तीकरण, कबाड़ व्यवसायों पर कार्रवाई, आवारा श्वानों के खिलाफ अभियान, चौपाटी दुकानों के आवंटन, अमृत योजना कार्यों में सूचना बोर्ड लगाने और प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सख्त निर्देश दिए गए।नगर निगम की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि अब शहर में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती बढ़ने वाली है और मानसून से पहले शहर को व्यवस्थित व सुरक्षित बनाने के लिए निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुका है।
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