MP Board Result 2026 Live:मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों के लिए आज बड़ा दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सुबह 11 बजे प्रदेश के 16 लाख से अधिक विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इसी के साथ छात्रों का लंबा इंतज़ार खत्म हो गया है और अब वे अपना स्कोरकार्ड ऑनलाइन देख सकते हैं।
यहां चेक करें अपना रिजल्ट
रिजल्ट की घोषणा के साथ ही आधिकारिक वेबसाइट के लिंक सक्रिय हो गए हैं। छात्र नीचे दिए गए माध्यमों से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
ऑफिशियल वेबसाइट: mpbse.mponline.gov.in
मोबाइल ऐप: गूगल प्ले स्टोर से MPBSE Mobile App डाउनलोड करें।
डिजी लॉकर: अपनी डिजिटल मार्कशीट के लिए DigiLocker का भी उपयोग किया जा सकता है।
फेल होने वाले छात्रों को दूसरा मौका
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जो छात्र किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें निराश होने की ज़रूरत नहीं है। बोर्ड द्वारा ऐसे विद्यार्थियों के लिए दोबारा मौका दिया जाएगा, ताकि उनका साल बर्बाद न हो।
कैसे देखें अपना परिणाम?
वेबसाइट पर जाकर अपनी कक्षा (10वीं या 12वीं) का चयन करें।
अपना रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करें।
सबमिट बटन दबाते ही आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं।
आपको बता दें कि इस साल बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रदेश भर में व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। 16 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए। कक्षा 10वीं में लगभग 9.07 लाख छात्र और कक्षा 12वीं में करीब 7.50 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश में 3,856 केंद्र बनाए गए थे।
क्या बोले सीएम मोहन यादव?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपी बोर्ड के नतीजों जारी करते हुए कहा है कि इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 16 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों और छात्राओं की सफलता की सराहना की। परिणामों की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल भी बेटियों ने बाजी मारी है। न केवल उत्तीर्ण प्रतिशत में बल्कि मेरिट लिस्ट में भी छात्राओं ने स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री ने सफल छात्राओं को बधाई भी दी।
सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट को पछाड़ा
इस साल के नतीजों की सबसे बड़ी विशेषता सरकारी विद्यालयों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी विद्यालयों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ते हुए 76% से अधिक रिजल्ट दिया है, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है। पिछड़े और जनजातीय अंचलों के बच्चों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल की है।
10वीं का परिणाम: 16 साल का रिकॉर्ड टूटा
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष 10वीं की परीक्षा में 7 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। कक्षा 10वीं का कुल परिणाम 73.42% रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नकल प्रकरणों में भारी गिरावट आई है।



