अलीराजपुर/कुलदीप खराडिया/ खबर डिजिटल/ अलीराजपुर जिले के उमराली स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में लंबे समय से चल रहे असंतोष ने बुधवार सुबह बड़ा रूप ले लिया। विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्राचार्य के खिलाफ आक्रोशित होकर जिला मुख्यालय की ओर पैदल निकल पड़े। करीब 14 किलोमीटर छात्रों ने पैदल मार्च कर, प्रिंसिपल हाय-हाय… हमारी मांगे पूरी करो… के नारे लगाए। इस विरोध प्रदर्शन में स्कूल के कुछ शिक्षक भी छात्रों के साथ नजर आए।
20 दिन बाद फिर भड़का आक्रोश, पहले भी पहुंचीं थीं कलेक्टर
यह आंदोलन कोई अचानक नहीं है। करीब 20 दिन पहले भी छात्रों ने स्कूल परिसर में प्राचार्य के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था। उस समय अलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर स्वयं उमराली पहुंची थीं और छात्रों की समस्याएं सुनी थीं। कलेक्टर ने तब जांच समिति गठित कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन छात्रों का कहना है कि समस्याएं ज्यों की त्यों बनी रहीं।
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मंत्री और सांसद की शिकायत, दिल्ली तक पहुंचा मामला
छात्रों के आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान और सांसद अनिता चौहान ने प्राचार्य और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को पत्र लिखा। इधर, अलीराजपुर कलेक्टर ने भी जांच के बाद प्राचार्य को हटाने की अनुशंसा करते हुए भोपाल पत्र भेजा, वहीं जनजातीय कार्य विभाग आयुक्त भोपाल ने भी प्राचार्य को प्रदेश से बाहर भेजने को लेकर दिल्ली पत्राचार किया।
प्राचार्य भोपाल अटैच, तीन शिक्षक कलेक्टर कार्यालय से जुड़े
मामले की गंभीरता और लगातार बढ़ते दबाव के बाद एकलव्य स्कूल उमराली की प्राचार्य नीलम भारती को अलीराजपुर जिले से हटाकर भोपाल अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही तीन शिक्षकों को अलीराजपुर कलेक्टर कार्यालय अटैच किया गया है। इसके बावजूद, बुधवार को छात्र-छात्राएं फिर से कलेक्टर कार्यालय की ओर मार्च पर निकल पड़े।
सांसद मौके पर पहुंचीं, मंत्री से करवाई छात्रों की बात
स्थिति की जानकारी मिलते ही सांसद अनिता चौहान और जिला पंचायत अध्यक्ष मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया।
सांसद चौहान ने फोन पर मंत्री नागर सिंह चौहान से छात्रों की सीधी बातचीत करवाई, जिसमें उन्हें प्राचार्य के भोपाल अटैच होने की पुष्टि की गई।
छात्रों की दो टूक मांग: परेशान करने वाले शिक्षक भी हटें
हालांकि, छात्रों का कहना है कि सिर्फ प्राचार्य को हटाना पर्याप्त नहीं है। उनका आरोप है कि कुछ शिक्षक भी लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं, इसलिए उन पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी कारण मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
भोजन, शिक्षा और व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें
पूर्व निरीक्षण के दौरान छात्रों ने कलेक्टर के सामने कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें खराब और अमानवीय भोजन व्यवस्था, प्राचार्य का कठोर व अमानवीय व्यवहार, मूलभूत सुविधाओं की कमी, शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल शामिल हैं।
शिक्षकों ने भी जताया असंतोष
कलेक्टर द्वारा की गई चर्चा में कई शिक्षकों और स्टाफ ने भी प्राचार्य के व्यवहार को अनुचित बताया। यह भी स्वीकार किया गया कि भोजन की गुणवत्ता कमजोर है और कुछ स्टाफ सदस्यों का व्यवहार बच्चों के प्रति सही नहीं है।


