आलीराजपुर/कुलदीप खराड़ीया/खबर डिजिटल/ जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिगों के डिजिटल शोषण और अश्लील सामग्री के प्रसार के खिलाफ जनजाति विकास मंच ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को मंच के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक के नाम एसडीओपी अश्विनी कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान जनजाति विकास मंच के जिला सोशल मीडिया प्रमुख नरेश सोलंकी, जिला प्रमुख गोविन्द भयड़िया और कार्यकारिणी सदस्य रौनक पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मंच ने पुलिस को 20 ऐसे इंस्टाग्राम हैंडल्स की सूची सौंपी, जिन पर लगातार आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है।
नाबालिगों के डिजिटल शोषण का आरोप
मंच का आरोप है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं के वीडियो अश्लील गानों और आपत्तिजनक कैप्शन के साथ साझा किए जा रहे हैं। यह कृत्य POCSO अधिनियम और आईटी एक्ट की धारा 67B का सीधा उल्लंघन है। कमेंट सेक्शन में महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का भी उपयोग किया जा रहा है।
साइबर सेल से जांच की मांग
मंच ने मांग की कि आरोपित अकाउंट्स को आईपी एड्रेस के आधार पर चिन्हित कर गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की जाए तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इन्हें स्थायी रूप से बंद कराया जाए।
एसडीओपी अश्विनी कुमार ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए साइबर सेल से जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।


