उमरिया/केसी पांडेय/खबर डिजिटल/ बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नौ परिक्षेत्रो में अनुभूति कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। इन कैंपों में बच्चों को वन और वन्य प्राणियों के महत्व की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी के एल कृष्ण मूर्ति पहुंचे। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय उप संचालक पीके वर्मा खितौली परिक्षेत्र के अधिकारी स्वस्ति श्री जैन के साथ मास्टर ट्रेनर कमलेश नंदा और बीटीआर के अधिकारी कैंप में पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों को वन वन्य प्राणियों की जानकारी के साथ शिक्षा के लिए प्रेरित किया। के एल कृष्ण मूर्ति ने बच्चो से बात करने के साथ पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम आजाद के बारे में जानकारी दी कि गांव में रहने से मतलब नहीं पढ़ाई से मेहनत से आगे बढ़ा जा सकता है। जंगली जानवरो के सुरक्षा के बारे में बताया साथ कि वन्य प्राणियों की जानकारी दी। बच्चों को जंगल भ्रमण कराया गया।
950 कैंपों से 1 लाख बीस हजार बच्चे होंगे प्रेरित
अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के एल कृष्ण मूर्ति ने बताया कि मध्यप्रदेश में 950 अनुभूति कैंप आयोजित किये जा रहे हैं। जिसमें 1 लाख 20 हजार बच्चे पहुंचेंगे। 15 दिसंबर से 30 जनवरी तक कैंप आयोजित किये जाएंगे। मूर्ति ने बताया कि कैंपों में बच्चों के माध्यम से वन और वन्य प्राणियों को लेकर सुरक्षा और स्वयं की सुरक्षा की जानकारी दी गई।
खितौली कैंप में पहुंचे 120 बच्चे
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली परिक्षेत्र के कामतागढी क्षेत्र में अनुभूति कैप का आयोजन में 120 बच्चें पहुंचे। बच्चों को महुआ और पलाश,तेंदु के पेड़ की जानकारी। बताया गया कि जंगल के सभी पेड़ उपयोगी होते हैं। इनकी सुरक्षा करनी जाएगी। बच्चों को बताया गया कि अपने परिवार जनों के साथ आसपास के लोगों को भी वनों और वन प्राणियों की सुरक्षा कि जानकारी दी गई। बताया गया कि आग और वन्य प्राणियों की जानकारी मिलने पर विभाग के अधिकारियों को देना चाहिए। पलाश के पेड़ से होली का गुलाल और तेंदु और महुआ के ग्रामीणो को आमदनी का साधन है। पूरे अनुभूति कैंप में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की जानकारी दी गई। छात्रा पलक ने बताया कि कैंप अच्छा लगा। यहां पर वनों और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के बारे में बताया गया।


