उमरिया/केजी पांडेय/खबर डिजिटल/ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला जोन से बड़ी खबर सामने आई है। यहां रिवाइल्डिंग के लिए रखे गए एक रेस्क्यू बाघ शावक ने अपने बाड़े से बाहर निकलकर जंगल का रुख कर लिया है। करीब पांच मीटर ऊंची सुरक्षा बाड़ कूदकर शावक के बाहर जाने से टाइगर रिजर्व प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही तीन हाथियों के दल के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। वन अमला पदचिह्नों के आधार पर शावक की तलाश में जुटा हुआ है।
5 मीटर बाड़ को किया पार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला जोन में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रिवाइल्डिंग के लिए रखे गए एक रेस्क्यू बाघ शावक ने अपने बाड़े से निकलकर घने जंगल की ओर रुख कर लिया। जानकारी के अनुसार, शावक ने करीब 5 मीटर ऊंची सुरक्षा बाड़ को छलांग लगाकर पार किया और जंगल में प्रवेश कर गया।
टाइगर रिजर्व प्रशासन का सर्च ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व प्रशासन ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। तीन हाथियों के दल के साथ अनुभवी वनकर्मी शावक की तलाश में जुटे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक बाड़े के आसपास जंगल क्षेत्र में शावक के पदचिह्न मिले हैं, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि उसे जल्द ही सुरक्षित ढूंढ लिया जाएगा।
प्राकृतिक बाड़ा किया था तैयार
बताया जा रहा है कि लगभग आठ माह की उम्र के ये दोनों बाघ शावक करीब तीन महीने पहले 10 अक्टूबर को पनपथा बफर परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 601, सलखनिया बीट से रेस्क्यू किए गए थे। जंगल में छोड़ने से पहले प्राकृतिक माहौल में ढालने के उद्देश्य से इन्हें विशेष रूप से तैयार बाड़े में रखा गया था।
सीसीटीवी फुटेज में दे रहा दिखाई
बाड़े को इस तरह डिजाइन किया गया था कि शावकों को पूरी तरह जंगल जैसा वातावरण मिल सके। यहां किसी भी तरह की मानवीय गतिविधि प्रतिबंधित थी। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और भोजन भी दूर से ही उपलब्ध कराया जाता था, ताकि शावकों का इंसानों से संपर्क न्यूनतम रहे। प्रबंधन के अनुसार दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ थे। फिलहाल टाइगर रिजर्व प्रशासन शावक की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहा है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
