रीवा/अरविंद तिवारी/खबर डिजिटल/ रीवा नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर हालात सामने आए हैं। महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने स्वयं स्वीकार किया है कि शहर के कई इलाकों में अब भी दूषित और गंधयुक्त पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद रीवा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में सतर्कता बढ़ गई है।
महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने शिकायतों की कही बात
महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने कहा कि पहले भी मिलती रहीं शिकायतें शहर के कई वार्डों से पहले भी पानी में बदबू, गंदगी और रंग बदलने की शिकायतें आती रही हैं। शुरुआती जांच में जलप्रदाय व्यवस्था में लापरवाही के संकेत मिले थे, लेकिन इसके बावजूद कई संवेदनशील क्षेत्रों में हालात पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सके। इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आयुक्त की समीक्षा बैठक, सख्त निर्देश स्थिति को गंभीर मानते हुए नगर निगम आयुक्त सौरभ सोनवड़े ने स्वास्थ्य, जलप्रदाय, स्वच्छता और पीएचई विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त बोले – स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता
आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी जल स्रोतों की नियमित जांच की जाए, पानी की टंकियों की समय-समय पर सफाई हो, पाइपलाइन लीकेज की तत्काल मरम्मत की जाए, क्लोरीनेशन की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि दूषित पानी की शिकायत मिलते ही संबंधित क्षेत्र में तुरंत कार्रवाई होगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
स्वच्छता व्यवस्था पर भी सख्ती
स्वच्छता को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। नालियों की नियमित सफाई, कचरा उठान में ढिलाई न बरतने और कचरा प्रबंधन व्यवस्था दुरुस्त रखने के आदेश जारी किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फील्ड टीमें तैनात की गई हैं।
महापौर का समर्थन, कार्रवाई की चेतावनी
महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
