बैतूल/सचिन जैन/ खबर डिजिटल/ जिले में चर्चित कफ सिरप कांड ने एक बार फिर लोगों को झकझोर दिया है। आमला ब्लॉक के टीकाबर्री गांव निवासी हर्ष यदुवंशी की इलाज के दौरान मौत हो गई। हर्ष पिछले तीन महीनों से नागपुर एम्स में भर्ती था, जहां उसका लगातार उपचार चल रहा था। जिला प्रशासन ने उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
तीन महीने तक चला इलाज, सरकार ने उठाया खर्च
गंभीर हालत में हर्ष को नागपुर एम्स रेफर किया गया था। मध्यप्रदेश सरकार उसकी चिकित्सा का पूरा खर्च वहन कर रही थी। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी, लेकिन लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि प्रभावित बच्चों में हर्ष सबसे अधिक दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करता रहा।
कफ सिरप से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, परासिया निवासी डॉ. एसएस ठाकुर ने हर्ष को कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया था। इसी कफ सिरप को लेकर पहले भी गंभीर आरोप लगे थे। छिंदवाड़ा में इसी दवा के सेवन से 26 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था।
नागपुर एम्स में हुआ पोस्टमार्टम
हर्ष का पोस्टमार्टम नागपुर एम्स में ही कराया गया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सके। मामले को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर दवाओं की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदारों की जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।


