Ujjain Borewell Rescue: मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झालरिया गांव में एक बार फिर मासूम की जिंदगी और मौत की खबर ने झकझोर कर रख दिया है। 2 साल का मासूम भागीरथ देवासी पिछले 15 घंटों से 200 फीट गहरे खुले बोरवेल में फंसा हुआ है। रेस्क्यू टीम और काल के बीच चल रही इस जंग में शुक्रवार सुबह तब मायूसी छा गई, जब खुदाई के दौरान भारी चट्टानें आ गईं। अब प्रशासन ने बच्चे को ‘रिंग’ के जरिए सुरक्षित निकालने की नई कोशिश शुरू की है।
अब तक क्या हुआ?
दरअसल, गुरुवार की शाम 7:30 बजे खेलते समय मासूम भागीरथ अचानक खुले पड़े बोरवेल में जा गिरा। जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत 5 पोकलेन मशीनें लगाकर समानांतर गड्ढा खोदना शुरू किया, लेकिन 40 फीट के बाद ही विशाल चट्टानें आ गईं, जिससे खुदाई का काम रोकना पड़ा। कैमरों की मदद से पता चला है कि बच्चा करीब 75 फीट नीचे अटका हुआ है। बोरवेल में पानी होने की वजह से खतरा और बढ़ गया है।
भोपाल से पहुंची NDRF
शुक्रवार की सुबह 5 बजे राजधानी भोपाल से NDRF की टीम भी झालरिया गांव पहुंच चुकी है। उज्जैन, इंदौर और हरदा की SDRF के साथ मिलकर एक जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। चट्टानों को तोड़ने के लिए हैमर मशीन बुलाई गई है। साथ ही, रेस्क्यू टीम बच्चे के हाथ में रिंग फंसाकर उसे ऊपर खींचने का जोखिम भरा प्रयास कर रही है। वही मासूम तक निरंतर ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है और सीसीटीवी कैमरों से उसकी हर हरकत पर नजर रखी जा रही है।
मदद का बढ़ा हाथ, उम्मीदें बरकरार
रेस्क्यू के दौरान एक बार मासूम की शर्ट रेस्क्यू हुक में फंसी थी, जिससे उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन बच्चा नीचे की ओर फिसल गया। मौके पर भारी पुलिस बल और 2 एंबुलेंस तैनात हैं। गांव के साथ-साथ पूरा प्रदेश भागीरथ की सलामती की दुआएं कर रहा है।


