Tuesday, November 3, 2026
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भगोरिया: मध्यप्रदेश के आदिवासी इलाकों में दिखाई देगी भगोरिया की मस्ती… इन जगहों पर लगेंगे हाट

फागुन की मस्ती में डूबेगा आदिवासी इलाका

भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले धार, झाबुआ और आलीराजपुर में उल्लास और उमंग के पर्व भगोरिया की शुरुआत 24 फरवरी से होने जा रही है। करीब एक सप्ताह तक इन जिलों के विभिन्न हाट बाजारों में भगोरिया की रौनक देखने दिखाई देगी। होलिका दहन के बाद 2 मार्च को अंतिम भगोरिया हाट के साथ इस पारंपरिक पर्व का समापन होगा। आदिवासी समाज को पूरे वर्ष भगोरिया का बेसब्री से इंतजार रहता है।

धार जिले में इन-इन जगह लगेगा भगोरिया हाट
जिले के कुक्षी, मनावर, उमरबन, तिरला, गुजरी, बाकानेर और रिंगनोद क्षेत्र में बड़े हाट बाजार लगते हैं। जिले का एकमात्र ब्लॉक डही ऐसा है, जहां अलग-अलग गांवों में भगोरिया का आयोजन होता है। धार जिले में कुल 59 स्थानों पर भगोरिया पर्व मनाया जाएगा। इंदौर संभाग में सबसे अधिक भगोरिया आयोजन धार जिले में ही होते हैं। भगोरिया से पहले 17 से 23 फरवरी तक साप्ताहिक हाट बाजार ‘त्योहारिया हाट’ के रूप में लगेंगे।

धार में इन जगहों को भगोरिया के लिए किया तय
वही धार जिले में भगोरिया आयोजन की तिथियां की बात करें तो 24 फरवरी मंगलवार – कुक्षी, नालछा, धरमपुरी, तिरला, करजवानी, 25 फरवरी बुधवार – सरदारपुर, अराड़ा, सलकनपुर, गोलपुरा, 26 फरवरी गुरुवार – रिंगनोद, दत्तीगांव, गुजरी, डही, बाकानेर, सिंघाना, 27 फरवरी शुक्रवार – धरमराय, पड़ियाल, धामनोद, मनावर, जौलाना, 28 फरवरी शनिवार – कवड़ा, खलघाट, पर्यटन नगरी मांडू,1 मार्च रविवार – बड़वान्या, राजगढ़, गंधवानी, टांडा, भारुड़पुरा, 2 मार्च सोमवार – फिफेड़ा, बाग, निसरपुर, डेहरी, धानी, गुमानपुरा में आयोजन किए जाएंगे।

आलीराजपुर, झाबुआ में इन जगहों पर लगेंगे हाट
इन जिलों में सबसे पहला भगोरिया हाट एमपी और गुजरात की सीमा पर सटे पिटोल में आयोजित होगा। इसके साथ ही खरड़ू बड़ी, थांदला, तारखेड़ी, बरबेट, बखतगढ़, आंबुआ और अंधार वाड़ में होगा। 25 फरवरी बुधवार को उमरकोट, माछलिया, करवड़, कल्याणपुर, मदरानी, ढेकल, बरझर, खट्टाली, चांदपुर और बोरी में भगोरिया हाट लगेंगे। 26 फरवरी गुरुवार को पारा, हरीनगर, सारंगी, समोई, फुलमाल, सोंडवा और जोबट तथा 27 फरवरी शुक्रवार को बेकल्दा, मांडली, भगौर, वालपुर, कट्ठीवाड़ा, उदयगढ़ तो 28 फरवरी शनिवार को राणापुर, मेघनगर, बामनिया, झकनावदा, बलेड़ी, नानपुर और उमराली में भगोरिया हाट आयोजित किए जाएंगे। होली के पहले 1 मार्च रविवार को झाबुआ, धोलियावाड़, रायपुरिया, काकनवानी, कनवाड़ा, छकतला, कुलवट, सोरवा, आमखूंट, झीरन और 2 मार्च को होलिका दहन के दिन आलीराजपुर, भाबरा, पेटलावद, बड़ागुड़ा, रंभापुर, मोहनकोट, कुंदनपुर और रजला में भगोरिया हाट आयोजित होंगे।

भगोरिया के लिए घर लौटने लगे आदिवासी
पर्व में शामिल होने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य क्षेत्रों में मजदूरी और नौकरी करने गए आदिवासी परिवार अपने गांवों की ओर लौटने लगे हैं। भगोरिया और हाट बाजार के दौरान जनजातीय बंधु कपड़े, आभूषण, शृंगार सामग्री और घरेलू जरूरतों की खरीदारी करते हैं। वहीं भगोरिया के अवसर पर जनप्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रहती है। भाजपा और कांग्रेस द्वारा मंच लगाए जाते हैं। विभिन्न गांवों से मांदल लेकर टोलियां हाट बाजार और भगोरिया में पहुंचती हैं। मांदल की थाप पर नृत्य के बाद इन टोलियों का सम्मान किया जाता है और नगद पुरस्कार भी दिए जाते हैं। आदिवासी परिवार मांदल बनाने की तैयारी एक से डेढ़ माह पहले ही शुरू कर देते हैं।

प्रशासन कर रहा सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। भगोरिया के दौरान जिन गांवों में आयोजन होगा, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। स्थानीय पुलिस सरपंच और सचिव के साथ समन्वय कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी। असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
धार के एएसपी विजय डावर ने बताया कि जहां-जहां भगोरिया का आयोजन होगा, वहां पुलिस टीम सुबह से ही तैनात रहेगी। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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