इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ इंदौर में भीम चेतना मंच ने डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर के खिलाफ अनर्गल टिप्पणी करने, और मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने की घटना पर विरोध जाहिर किया। मंच ने जंजीर वाला चौराहा पर घटनाओं में लिप्त लोगों का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी प्रकट की। विरोध प्रदर्शन के दौरान भीम चेतना मंच के अध्यक्ष उमेश बैरवा ने बताया इन दोनों घटनाओं से संपूर्ण दलित समाज में आक्रोश है। इतने बड़े पद बैठे व्यक्ति के साथ यह हो सकता है, तो आम व्यक्ति की क्या औकात है। इसीलिये ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए। इस मौके पर बालकिशन कुन्हारा, पूर्व पार्षद भारत जीनवाल, बाबूलाल रमनवाल (पूर्व महापौर प्रत्याशी), सुभाष वाड़िया, रघुवीर मरमट ,योगेंद्र गवांदे ,ईश्वर तायडे, विजय इंगले, सिदार्थ, कपिल जारवाल, महेंद्र जाटवा, चेतन जाजोरिया, विनोद धवन, महेश मरमट, सौरव अखंड, नवीन पालीवाल, कमलेश वर्मा, अन्य वरिष्ठ समाजजन भारी संख्या में उपस्थित थे।
क्या है पूरा मामला
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर 71 वर्षीय वकील राजेश किशोर द्वारा कोर्ट में जूता फेंकने की कोशिश की थी। इस दौरान उनके साथी न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन भी मौजूद थे। राकेश किशोर नामक वकील ने सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को जारी किए गए प्रॉक्सिमिटी कार्ड का इस्तेमाल करते हुए अचानक अपना जूता निकालाकर बेंच की ओर फेंक दिया और चिल्लाया, “सनातन का अपमान नहीं सहेंगे।” हालांकि, गनीमत रही कि जूता बेंच से थोड़ा नीचे गिरा। इस दौरान कोर्ट के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उस व्यक्ति (वकील) को काबू में किया और बाहर ले गए। इस घटना के दौरान कोर्ट में सन्नाटा छा गया। इस हंगामे के वाबजूद मुख्य न्यायाधीश शांत रहे और कार्यवाही जारी रखी।
CJI गवई ने तोड़ी थी चुप्पी
जूते से हुए हमले पर सीजेआई बीआर गवई ने चुप्पी तोड़ी थी। उन्होंने कहा कि सोमवार को जो हुआ उससे मैं और मेरे विद्वान भाई बहुत स्तब्ध हैं। हमारे लिए यह एक भूला हुआ अध्याय है।सीजेआई बीआर गवई ने अपने कर्मचारी को निर्देश देते हुए कहा कि मैं ऐसी चीज़ों से प्रभावित होने वाला आखिरी व्यक्ति हूं। उन्होंने कहा, “इस सब से विचलित न हों। हम विचलित नहीं हैं। ये चीजें मुझे प्रभावित नहीं करतीं।”
राकेश किशोर का भी आया था बयान
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि वह ‘परमात्मा’ का काम कर रहे थे। वहीं इस घटना के बाद से किशोर के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। खबर है कि उनके दिल्ली स्थित आवास के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए थे।


