भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से कमर कस ली है। इसके लिए बाकायदा एक नई रणनीति बनाई गई है। जिसके तहत आगामी दिनों में पार्टी आगे बढ़ेगी। इस रणनीति के बारे में प्रेरणा राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से मिली है, जिसके तहत बूथ स्तर तक पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचेंगे, जोकि एक-एक व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। माना जा रहा है कि इसके जरिए वो कांग्रेस की खूबियों और बीजेपी सरकार की नाकामियों के बारे में बताएंगे।
दिग्विजय सिंह ने बताया फॉर्मूला ‘भारत जोड़ो यात्रा’
एमपी में कांग्रेस को मजबूत करने प्लान तैयार किया जा चुका है। दिग्विजय सिंह ने बैठक में रणनीति को उजागर किया। प्रदेश में कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर पदयात्रा करेगी। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आला नेता भी उनके साथ होंगे। बूथ स्तर पर कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने बात रखने के साथ कमलनाथ सरकार की उपलब्धियों का भी बखान करेंगे और सरकार की गलत नीतियों के बारे में जनता को बताने का प्रयास करेंगे।
बीजेपी की ‘पन्ना प्रमुख’ रणनीति का तोड़
बीजेपी ने प्रत्येक चुनाव में अपने पन्ना प्रमुखों को जनता तक पहुंचने का निर्देश दिया था। इसके जरिए सरकार की योजनाओं और कामों को एक-एक व्यक्ति तक पहुंचाया गया। खासकर लाड़ली बहना योजना का प्रचार इन्हीं पन्ना प्रमुखों ने किया था। जिसका असर साफ देखा गया कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 163 सीटों पर फतह हासिल की, जबकि जानकार कांग्रेस के पक्ष में माहौल बता रहे थे।
दिग्विजय सिंह की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी की रणनीति की कमान दिग्विजय सिंह ने संभाल ली है। सूबे के चप्पे-चप्पे से वाकिफ दिग्विजय सिंह बूथ स्तर तक स्टेटजी को लेकर जाएंगे, जिसकी झलक उन्होंने कार्यकर्ताओं की मीटिंग में दिखाई और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर पदयात्रा निकालने का प्रस्ताव पेश किया। इस प्रपोजल के बाद मीटिंग में फैसला लिया गया कि इसे लेकर दिग्विजय प्लानिंग करेंगे। बता दें यह प्रस्ताव जिला प्रभारियों की बैठक में दिया हैं।
भारत जोड़ो यात्रा के सूत्रधार थे दिग्विजय सिंह
बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा का खाका भी दिग्विजय सिंह ने तैयार किया था। जिसके बाद राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’निकाली थी। यात्रा के दौरान एक दर्जन राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सार्वजनिक बैठकें और प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया था। इसी को अब मध्यप्रदेश में आजमाने की प्रस्ताव पेश किया गया है।


