MP Bjp: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के एक वरिष्ठ भाजपा नेता दीपक शर्मा के साथ हाईवे पर फिल्मी अंदाज में हुई किडनैपिंग, लूटपाट और ब्लैकमेलिंग की रूह कपां देने वाली वारदात सामने आई है। एक परिचित महिला को मोहरा बनाकर बदमाशों ने न सिर्फ भाजपा नेता को बंधक बनाया, बल्कि सीहोर के जंगलों में ले जाकर उनके साथ बर्बरता की। आरोपियों ने नेताजी के कपड़े फाड़कर उनका अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये और जेवरात लूट लिए। पुलिस ने इस मामले में सीहोर की एक कुख्यात गैंग की पहचान की है।
लिफ्ट के बहाने बिछाया जाल
राजगढ़ एसपी अमित तोलानी और पीड़ित भाजपा नेता दीपक शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात 10 मई की दोपहर घटित हुई। दीपक शर्मा भोपाल से वापस राजगढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान नरसिंहगढ़-कुरावर मार्ग पर एक परिचित महिला ने उन्हें हाईवे पर हाथ देकर लिफ्ट मांगी। परिचित होने के नाते नेताजी ने जैसे ही कार रोकी, पहले से घात लगाकर बैठे 7 से 8 हथियारबंद बदमाशों ने कार को चारों तरफ से घेर लिया। बदमाश जबरन कार के भीतर घुस गए और दीपक शर्मा को बंधक बनाकर सीहोर जिले की काली पहाड़ी के घने जंगलों में ले गए। वहां बदमाशों ने करीब तीन घंटे तक भाजपा नेता के साथ जमकर मारपीट की।
बनाया न्यूड वीडियो, मांगे 20 लाख
जंगल में बंधक बनाने के बाद बदमाशों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपियों ने जबरन बीजेपी नेता के कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल से उनका न्यूड वीडियो बना लिया। बदमाशों ने धमकी दी कि अगर 20 लाख रुपये नहीं दिए, तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर राजनीतिक और सामाजिक जीवन बर्बाद कर देंगे। इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने पर बदमाशों ने नेताजी के मोबाइल से उनके परिवार और दोस्तों पर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। डर के मारे परिजनों ने तुरंत अलग-अलग खातों में 61 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसके अलावा बदमाशों ने नेताजी से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के दो कोरे चेक पर भी जबरन दस्तखत करवा लिए।
कियोस्क से निकाले पैसे, लूटे जेवर
बदमाशों ने दीपक शर्मा के पास मौजूद सोने की अंगूठी, घड़ी, लॉकेट, मोबाइल और जेब में रखी नकदी छीन ली। इतना ही नहीं, उनका एटीएम कार्ड और पिन नंबर हासिल कर पास के एक कियोस्क सेंटर से 60 हजार रुपये नगद भी निकाल लिए। अश्लील वीडियो वायरल होने के डर से पीड़ित भाजपा नेता ने शुरुआत में किसी से कुछ नहीं कहा। लेकिन हिम्मत जुटाकर घटना के दो दिन बाद 12 मई को थाने पहुंचकर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई।
आरोपियों की घेराबंदी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित तोलानी ने तुरंत विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने हाईवे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों की घेराबंदी शुरू की। शुरुआती जांच और तकनीकी इनपुट से यह साफ हो गया है कि इस पूरे कांड के पीछे सीहोर जिले की एक शातिर आपराधिक गैंग का हाथ है, जिसके कई सदस्यों के खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में रंगदारी, लूट और ब्लैकमेलिंग के गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस महिला सहित पूरी गैंग की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
