MP Rajya Sabha: मध्य प्रदेश की तीन सीटों पर होने जा रहे राज्यसभा चुनाव का रण अब बेहद रोचक हो चला है। सूबे के कद्दावर नेता और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बीते शुक्रवार को एक ऐसा बयान दिया है, जिसने कांग्रेस की रातों की नींद उड़ा दी है। विजयवर्गीय के बयान के बाद राजनैतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या भाजपा तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने का मन बना रही है? अगर ऐसा होता है, तो कांग्रेस की राहें मुश्किल हो सकती हैं।
क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय?
मीडिया से चर्चा के दौरान जब संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से भाजपा की रणनीति को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए सस्पेंस बढ़ा दिया। विजयवर्गीय ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे दोनों घोषित उम्मीदवार राज्यसभा का चुनाव आसानी से जीतेंगे। लेकिन, यदि हमारी पार्टी आलाकमान किसी तीसरे उम्मीदवार के नाम का भी एलान करता है, तो हम पूरी ताकत लगाकर उसकी विजय भी सुनिश्चित करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने साधी चुप्पी
जब इस तीसरे गुप्त प्लान और संभावित चेहरे को लेकर मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से सवाल किया गया, तो उन्होंने पत्तों को छुपाए रखना ही बेहतर समझा। खंडेलवाल ने सिर्फ इतना कहा, फिलहाल संगठन की तरफ से केवल दो ही सीटों के लिए आधिकारिक प्रत्याशियों की घोषणा की गई है।
जानें सीटों और उम्मीदवारों का समीकरण
बीजेपी की ओर से दो सीटों पर राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेता रजनीश अग्रवाल के नाम तय किए जा चुके हैं, जिनकी जीत संख्या बल के आधार पर तय मानी जा रही है। वही खाली हो रही तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून 2026 है, जबकि मतदान 18 जून 2026 को होना है।
क्या है असली पेच?
राज्यसभा की एक सीट को सीधे जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 58 वोटों की आवश्यकता होती है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जिससे उसकी दो सीटें 58+58= 116 वोट आसानी से निकल रही हैं। इसके बाद भी बीजेपी के पास 48 अतिरिक्त वोट बचते हैं। कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं, जो एक सीट जिताने के लिए काफी हैं। लेकिन यदि भाजपा ने अपना तीसरा प्रत्याशी खड़ा कर दिया, तो क्रॉस वोटिंग से भाजपा बाजी मार सकती है। यही कारण है कि विजयवर्गीय के बयान ने कांग्रेस खेमे में खलबली मचा दी है।
