राकेश यादव/ खबर डिजिटल/सिवनी/ भक्ति और आस्था की कोई उम्र नहीं होती, यह बात सिवनी की एक नन्ही बालिका ने सच कर दिखाई है। जहां आज की पीढ़ी भौतिक चकाचौंध में खोई रहती है, वहीं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की रहने वाली अवीरा सिंह ने अपनी सादगी और संकल्प से समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। कक्षा दूसरी में पढ़ने वाली इस नन्ही बिटिया ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे विधि-विधान के साथ व्रत रखने का संकल्प लिया है।
मां शैलपुत्री की पूजा से किया संकल्प का शुभारंभ
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन, जब पूरा देश शक्ति की उपासना में लीन था, अवीरा ने माता के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-वत पूजा-अर्चना की। अवीरा के चेहरे पर जो शांति और संकल्प का भाव था, उसने न केवल परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले को अचंभित कर दिया। इतनी छोटी उम्र में इस तरह का कठिन अनुशासन और धर्म के प्रति लगाव देखकर हर कोई उसे नन्ही साध्वी के रूप में देख रहा है।
माता-पिता का मार्गदर्शन
अवीरा सिंह, फ्रीलांसर जर्नलिस्ट जितेंद्र सिंह और पैरालीगल वालंटियर राजेश्वरी सिंह की सुपुत्री हैं। समाज में इस बात की जमकर चर्चा हो रही है कि माता-पिता ने अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद बेटी को सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जोड़ा है। अवीरा के इस कदम को उनके परिवार द्वारा दिए गए उत्तम संस्कारों का प्रतिफल माना जा रहा है।
श्रद्धा और नियम का मेल
पंडित राजेंद्र पांडे का कहना है कि नवरात्रि व्रत केवल निराहार रहना नहीं है, बल्कि यह सात्विक आहार, नियमों का पालन और सकारात्मक विचारों का संगम है। उन्होंने बताया कि इतनी छोटी उम्र में अवीरा का यह प्रयास आत्मबल बढ़ाने वाला है और इस पर मां दुर्गा की विशेष कृपा अवश्य होगी।
अवीरा का यह बड़ा संकल्प आज सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। लोग उसकी लंबी उम्र और उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं।


