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Friday, April 17, 2026
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रपटा नाले पर कब्जे का खेल खत्म, कलेक्टर ने अपील खारिज कर दिए हटाने के निर्देश

सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी– जिले में शासकीय भूमि और प्राकृतिक जल स्रोतों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। ग्राम खिरहनी स्थित रपटा नाले पर बनाए गए अवैध बाउंड्रीवॉल के मामले में कलेक्टर न्यायालय ने अपील खारिज कर निर्माण हटाने के आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर 24 मार्च को मौके पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तय की गई है।अवैध निर्माण हटाने के आदेशप्रकरण में प्रवीण कुमार बजाज द्वारा दायर अपील को निराधार मानते हुए कलेक्टर न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बिना वैध अनुमति के प्राकृतिक नाले की भूमि पर किया गया निर्माण पूरी तरह अवैधानिक है और इसे तत्काल हटाया जाना आवश्यक है।नाले के स्वरूप से छेड़छाड़जांच में सामने आया कि रपटा नाले के समीप स्थित बरसाती नाले की भूमि पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कर जल प्रवाह को प्रभावित किया गया है। पटवारी प्रतिवेदन में भी पुष्टि हुई है कि निर्माण नाले के भीतर तक किया गया, जिससे प्राकृतिक बहाव बाधित हुआ।नियमों का खुला उल्लंघननगर एवं ग्राम निवेश विभाग की रिपोर्ट के अनुसार—नाले और नदी की सीमा से 50 मीटर के दायरे में निर्माण प्रतिबंधित होने के बावजूद निर्माण किया गया।स्वीकृत मार्ग को बाउंड्रीवॉल से अवरुद्ध किया गया।संबंधित भूमि पर किसी प्रकार की वैध अनुमति जारी नहीं की गई थी।पुराने अभिलेखों में दर्ज है नालावर्ष 1907-08 के राजस्व अभिलेख में खसरा नंबर 442 को “शासकीय पानी मद” एवं “नाला” के रूप में दर्ज पाया गया है। इसके बावजूद वर्तमान में भूमि का निजी स्वामित्व दर्ज होना गंभीर सवाल खड़े करता है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम कटनी प्रमोद कुमार चतुर्वेदी को 15 दिनों में विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।24 मार्च को हटेगा अतिक्रमणकलेक्टर के आदेश के पालन में एसडीएम द्वारा संयुक्त दल का गठन किया गया है। यह टीम 24 मार्च को मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण हटाएगी। दल में तहसीलदार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, राजस्व निरीक्षक, पटवारी सहित राजस्व अमला शामिल रहेगा।प्रशासन का सख्त संदेशप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों और शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के साथ ही भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी की जांच भी तेज कर दी गई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

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