सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी कटनी/बहोरीबंद। बहोरीबंद जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत छपरा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। गुरुवार को भारी संख्या में ग्रामीण जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे और सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये की अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पंचायत में वास्तविक संचालन निर्वाचित सरपंच के बजाय उनके पति द्वारा किया जा रहा है, जिससे पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।मनरेगा से लेकर फर्जी बिलों तक लगे गंभीर आरोपग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर ऑयल खरीदी, फर्जी बिल भुगतान, मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी, टैंकर सप्लाई और ओपन जिम स्थापना जैसे कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका दावा है कि कई कार्य सिर्फ कागजों में पूरे दिखाए गए, जबकि जमीन पर स्थिति अलग है।दस्तावेज और फोटो लेकर पहुंचे ग्रामीणप्रदर्शन के दौरान ग्रामीण कथित बिल, भुगतान रिकॉर्ड और कार्यस्थलों की तस्वीरें साथ लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि शिकायतें पहले भी अधिकारियों को दी गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन करना पड़ा। ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।जनपद अधिकारियों पर भी उठे सवालग्रामीणों ने जनपद स्तर के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।नारेबाजी कर सौंपा ज्ञापनग्रामीणों ने जनपद पंचायत परिसर में जमकर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपते हुए पंचायत अभिलेख सील करने, समयबद्ध जांच कराने और संबंधित पदाधिकारियों को जांच पूरी होने तक दायित्वों से अलग करने की मांग की।ग्रामीणों की प्रमुख मांगेंसरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर तत्काल एफआईआरस्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांचपंचायत अभिलेख सुरक्षित कर सील किए जाएंमनरेगा कार्यों का भौतिक सत्यापनजांच पूरी होने तक संबंधितों को पद से अलग किया जाएप्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहेंछपरा पंचायत में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने पूरे बहोरीबंद क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जनपद कार्यालय पहुंचना मामले की गंभीरता को दर्शाता है। अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि जांच बैठती है या नहीं, और आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है।
छपरा पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सरपंच-सचिव पर FIR की मांग
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