छिदवाड़ा/तौफीक मिस्कीनी/खबर डिजिटल/ जिले के अमरवाड़ा विधानसभा के ग्राम पंचायत सिंगोडी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राज्य सरकार के सपनों पर पानी फेरने में लगा हुआ है। दरअसल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं होने के कारण नर्स के भरोसे अस्पताल चल रहा है। यहां डॉक्टर नहीं मिलने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही हाल पिछले कई महीनों से बना हुआ है, यहां पहुंचने वाले मरीज को छिंदवाड़ा या अमरवाड़ा जाने की सलाह दी जाती है। मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रहा है, ताकि प्रदेश की जनता को सुलभ और अच्छा ईलाज मिल सके, लेकिन यहां पर तो हाल ही कुछ और है इसे विभागीय लापरवाही कहें या फिर स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है।
30 बिस्तरों वाला है अस्पताल
10 हजार वर्ग फिट में बना सिंगोडी ग्राम का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के लिए मरीज तरस रहे है। यहां मरीजों के लिए 30 बिस्तरों युक्त सर्वसुविधा युक्त अस्पताल का लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था, और हर प्रकार की व्यवस्था यहां उपलब्ध कराये जाने की बात कही थी, किन्तु इस अस्पताल में ओपीडी दवा वितरण केंद्र महिला, पुरुष वार्ड, बच्चा वार्ड सहित आवास भी मौजूद है।
स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता
मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंगोड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बिस्तरों वाले अस्पताल का लोकार्पण किया था, यहां पर सन् 1998 से एक्सरे मशीन आई हुई है, मशीन आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे चलाने के लिए टेक्नीशियन नही पहुंचाया। जिस कारण यहां एक्सरे मशीन चालू नहीं हो सकी, और इस एक्सरे मशीन का लाभ मरीजों को नहीं मिल पाने के कारण यहां आने वाले मरीज शहर जाकर एक्सरे करवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जैसे तैसे व्यवस्था के तौर पर रोगी कल्याण समिति के माध्यम से कुछ दिनों तक एक्सरे टेक्नीशियन को रखा गया, किन्तु कुछ समय बाद अब यह मशीन सीएमएचओ के आदेश होने पर सिंगोड़ी की एक्सरे मशीन को जिला हॉस्पिटल बुला लिया गया।
शोभा की सुपारी बना सिंगोड़ी का चीलघर
ग्राम सिंगोड़ी सहित आसपास के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामीण लोग ग्राम सिंगोडी के इस सरकारी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं, और किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अन्य कारणों से मौत होने पर परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए ले अमरवाड़ा ले जाना पड़ता है। जिससे लोगों को बहुत दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंगोड़ी में पोस्टमार्टम करने वाला कोई भी डॉक्टर नहीं है, जिससे लोगों को दिन दिन भर इंतजार करना पड़ता है।


