भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन समेत उसके प्रसार के काम में लगाने के लिए ‘सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ कार्यक्रम शुरु किया जा रहा है। इसके जरिए प्रदेश में सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए राज्य सरकार के साथ चुने हुए युवा काम करेंगे। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश के हर ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। कुल 4 हजार 865 युवाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। उन्हें 10 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
एक साल के लिए किया जाएगा अनुबंध
प्रत्येक ब्लॉक में 15 युवाओं को चयन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल के माध्यम से होगा। चयनित इंटर्न एक साल के अनुबंध पर सरकार के लिए काम करेंगे, जिसे अधिकतम तीन साल तक चलाया जाएगा। ये युवा मैदान में जाकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक जुटाएंगे और अपनी रिपोर्ट पोर्टल के माध्यम से सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तथा संबंधित विभागों को देंगे। इस योजना पर तीन साल में करीब 170 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
क्या है योजना का उद्देश्य
‘सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का लक्ष्य है, क्योंकि जनता तक योजनाओं के पहुंचने में क्या दिक्कतें आ रही है, इसको शिक्षित युवा समझता है, जिसके हाथ में कामकाज का मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी सौंप दी जाए, तो बदलाव संभव है, इसी सोच के साथ इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जनता तक जनहितैषी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंच सके, और जो भी परेशानी सामने आ रही है, वो सरकार को पूरी तरह पता चल सके।


