ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक) ने सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में उद्योग से जुड़ी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हेक्सालॉग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ तीन साल का एमओयू किया है। इस साझेदारी के तहत बिमटेक कैंपस में सप्लाई चेन एवं लॉजिस्टिक्स (एससीएल) के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किया जाएगा।
इस सेंटर के माध्यम से एआई इन लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन एनालिटिक्स और डिजिटल फ्रेट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में उद्योग-उन्मुख माइक्रो-क्रेडेंशियल्स और सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करना है।
एमओयू साइनिंग के दौरान प्रो. पंकज प्रिया, डिप्टी डायरेक्टर एवं डीन (अकादमिक), डॉ. दानिश नासिर, एसोसिएट प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस (ऑपरेशंस एंड डिसीजन साइंसेज), बिमटेक सहित हेक्सालॉग की टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
इस पार्टनरशिप के तहत छात्रों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, इंटर्नशिप, लाइव कंसल्टिंग असाइनमेंट्स और वास्तविक निवेशकों के सामने अपने आइडियाज प्रस्तुत करने के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा छात्रों में उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मेंटरशिप में संरचित एंटरप्रेन्योरशिप बूटकैंप्स भी आयोजित किए जाएंगे।
इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच सहयोग को मजबूत बनाने के लिए दोनों संस्थान सप्लाई चेन फेस्ट, जॉइंट रिसर्च, हैकाथॉन, केस डेवलपमेंट और एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम्स जैसी गतिविधियों का भी संयुक्त रूप से आयोजन करेंगे।
हेक्सालॉग टेक्नोलॉजीज के सीईओ और को-फाउंडर दिब्यांशु त्रिपाठी ने कहा, “इस एमओयू को साइन करने के लिए बिमटेक वापस आना मेरे लिए विशेष मायने रखता है। यहीं से हमारी सोच की शुरुआत हुई थी और अब यहां कुछ वापस देना सही लगता है। हेक्सालॉग आज जिस पहल को औपचारिक रूप दे रहा है, वह केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि एक सक्रिय और काम करने वाली साझेदारी है।
इस सहयोग के माध्यम से छात्रों को लाइव डेटाबेस तक सीधी पहुंच मिलेगी और उन्हें सप्लाई चेन की उन वास्तविक जटिलताओं को समझने का अवसर मिलेगा जो किताबों में नहीं मिलतीं—यानी असली चुनौतियां, असली फैसले और असली जिम्मेदारियां।
उन्होंने आगे कहा कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के भविष्य के लीडर्स केवल क्लासरूम में नहीं तैयार होंगे, बल्कि उन्हें वास्तविक और अनसुलझी चुनौतियों के साथ काम करने का अवसर मिलना चाहिए।
सहयोग के रणनीतिक महत्व पर बात करते हुए डॉ.प्रबीना राजीब, डायरेक्टर, बिमटेक ने कहा, “जैसे-जैसे वैश्विक सप्लाई चेन तेजी से डिजिटल, डेटा-ड्रिवन और आपस में अधिक जुड़ी हुई होती जा रही हैं, ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों के लिए पारंपरिक शिक्षण पद्धति से आगे बढ़ना जरूरी हो गया है। हेक्सालॉग टेक्नोलॉजीज के साथ यह सहयोग बिमटेक के लिए इंडस्ट्री–एकेडेमिया पार्टनरशिप को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।”
उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन एंड लॉजिस्टिक्स में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से छात्रों और फैकल्टी को इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ काम करने, वास्तविक चुनौतियों पर प्रोजेक्ट करने और वैश्विक सप्लाई चेन इकोसिस्टम की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपनी क्षमताएं विकसित करने के अवसर मिलेंगे।
इस पहल के तहत बिमटेक द्वारा 12 छात्र टीमों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिनमें से इनोवेशन, स्केलेबिलिटी और मार्केट रिलिवेंस के आधार पर हेक्सालॉग द्वारा शीर्ष 5 टीमों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रत्येक टीम को लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन ऑपरेशंस के समर्थन के लिए 1,00,000 रुपये के हेक्सालॉग टेक्नोलॉजीज दिए जाएंगे, जिससे छात्रों को प्रैक्टिकल लर्निंग का अनुभव मिल सके और वे अपने आइडियाज को स्टार्टअप या वेंचर के रूप में आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो सकें।
एमओयू साइनिंग समारोह में दोनों संस्थानों की सीनियर लीडरशिप टीमों के सदस्य मौजूद रहे। यह एमओयू इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट में उन्नत क्षमताओं के विकास की दिशा में एक दीर्घकालिक रणनीतिक पहल मानी जा रही है।


