MP Sahkarita Chunav: मध्य प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की कवायद अब तेज हो गई है। प्रदेश की मोहन सरकार अब सहकारी बैंकों और संस्थानों में चुनाव कराने से पहले राजनीतिक नियुक्तियां करने की योजना बना रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात के बाद इस प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है।
भाजपा की नई रणनीति
सूत्रों के अनुसार, भाजपा संगठन और सरकार ने तय किया है कि सहकारिता के चुनावों में जाने से पहले अपेक्स बैंक और सभी जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संचालक मंडलों की कमान सौंपी जाए। माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पहले संस्थाओं के को मजबूत करने के लिए नियुक्तियों का सुझाव दिया है, जिसके बाद ही विधिवत चुनाव कराए जाएंगे।इस मुद्दे पर भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ चर्चा कर चुके हैं। जल्द ही योग्य कार्यकर्ताओं और अनुभवी नेताओं के नाम फाइनल किए जा सकते हैं।
मंत्री सारंग का ऐलान
मोहन सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने अपने एक बयान में कहा है कि हम जल्द से जल्द सहकारिता के चुनाव कराने वाले हैं। सहकारिता के चुनाव चल ही रहे हैं, कहीं कोई रोक नहीं लगी है। सरकार सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है।
रुकी नियुक्तियां होंगी पूरी
आपको बता दें कि पिछले काफी समय से सहकारी संस्थाओं में नियुक्तियां अटकी हुई थीं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब मंत्री सारंग के बयान से साफ माना जा रहा है कि मोहन सरकार आने वाले दिनों में सहकारिता चुनावों की घोषणा कर नियुक्तियां करेगी।
शाह की ‘हरी झंडी’ का इंतजार
दरअसल, सहकारिता मंत्रालय का प्रभार स्वयं अमित शाह के पास है, इसलिए मध्य प्रदेश की सूची को लेकर दिल्ली का दखल अहम है। भाजपा की तैयारी ऐसी है कि नियुक्तियों के जरिए पहले एक मजबूत जमीन तैयार की जाए, ताकि जब सहकारी चुनाव हों, तो पार्टी को उसका सीधा लाभ मिल सके। जल्द ही अपेक्स बैंक और जिला स्तर की समितियों के लिए नामों की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।


