सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी
जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एन.के.जे. थाना पुलिस और साइबर सेल ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक रत्नेश मिश्रा के दिशा-निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। थाना एन.के.जे. के उप निरीक्षक रुपेन्द्र राजपूत एवं साइबर सेल की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान दूरसंचार विभाग से प्राप्त डेटा के आधार पर जांच में सामने आया कि एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर अलग-अलग नाम और पतों से बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक्टिवेट किए जा रहे थे।
जांच में पाया गया कि ग्राम सिमरा निवासी सतीश साहू और बृजेश साहू अन्य लोगों के पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से सिम कार्ड चालू कर रहे थे। आरोपी अपने चेहरे की फोटो लगाकर दस्तावेजों में हेरफेर कर सिम एक्टिवेशन कर रहे थे, जिससे साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा सके।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को ग्राम सिमरा से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उनके कब्जे से 153 एक्टिवेटेड फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों द्वारा करीब 200 से अधिक सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए थे, जिनका उपयोग साइबर फ्रॉड और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता है। पुलिस अब इन सिम कार्ड्स से जुड़े नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश में जुटी है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 419, 420, 471 एवं 34 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल कटनी भेज दिया गया।
सराहनीय भूमिका:
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक रुपेन्द्र राजपूत, सहायक उप निरीक्षक सहपाल परतेती, प्रधान आरक्षक गणेश दत्त मिश्रा, आरक्षक शैलेश दमोहिया, आरिफ हुसैन, अर्पित पटेल तथा साइबर सेल के अमित श्रीपाल और शुभम गौतम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


