मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है. उम्मीदवार घोषित करने के बाद अब संगठन चुनावी प्रबंधन को मजबूत करने में जुट गया है. पार्टी ने इस सीट पर पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया और उनकी जगह आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है. इसके साथ ही भाजपा ने चुनावी अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नई जिम्मेदारियां भी तय कर दी हैं.
हेमंत खंडेलवाल ने जारी की नई जिम्मेदारियों की सूची
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दतिया विधानसभा उपचुनाव-2026 के लिए विधानसभा प्रभारी और सह-प्रभारी की नियुक्ति की घोषणा की है. जारी सूची के अनुसार ग्वालियर के सांसद भारत सिंह कुशवाहा को विधानसभा प्रभारी बनाया गया है. वहीं राहुल कोठारी को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. संगठन का मानना है कि अनुभवी नेतृत्व के मार्गदर्शन में चुनावी अभियान को और अधिक मजबूती मिलेगी.
बूथ से लेकर जनसंपर्क तक संभालेंगे जिम्मेदारी
पार्टी ने दोनों नेताओं को चुनावी तैयारियों की अहम जिम्मेदारी दी है. बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं के साथ नियमित बैठकें करना, जनसंपर्क अभियान को गति देना और चुनावी समन्वय बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा. भाजपा का लक्ष्य हर स्तर पर मजबूत चुनावी नेटवर्क तैयार कर मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचना है.
जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रही भाजपा
दतिया उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है. यही कारण है कि संगठन और सरकार दोनों के वरिष्ठ नेता लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं. पार्टी किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती और हर मोर्चे पर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है. उम्मीदवार की घोषणा के बाद अब संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
कांग्रेस भी मैदान में सक्रिय
दतिया विधानसभा उपचुनाव इस बार प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में गिना जा रहा है. भाजपा जहां अपनी सीट बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ रही है, वहीं कांग्रेस भी पूरी मजबूती से मुकाबले की तैयारी कर रही है. दोनों दल लगातार कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.
नई टीम पर टिकी सभी की नजर
भाजपा द्वारा विधानसभा प्रभारी और सह-प्रभारी की नियुक्ति को चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. अब राजनीतिक जानकारों की नजर इस बात पर रहेगी कि भारत सिंह कुशवाहा और राहुल कोठारी की टीम किस तरह संगठन को मजबूती देती है और चुनावी समीकरणों को भाजपा के पक्ष में मोड़ने में कितनी सफल होती है. आने वाले दिनों में दतिया का उपचुनाव प्रदेश की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण मुकाबला बनने की संभावना है.
