डिंडौरी/खबर डिजिटल/शैलेश नामदेव/ जिला अंतर्गत शहपुरा विकासखंड के ग्राम बरगांव में आज विकास, परंपरा और आधुनिकता का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। जनजातीय कल्याण केंद्र के परिसर में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा विभिन्न जनहितैषी विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। यह आयोजन न केवल बुनियादी ढांचे के विकास का प्रतीक था, बल्कि जनजातीय समाज के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने की दिशा में एक बड़ा कदम भी रहा।
लोकार्पण और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
समारोह के दौरान जनजातीय कल्याण केंद्र की सुरक्षा हेतु नवनिर्मित बाउंड्री वॉल, नर्मदांचल विद्यापीठ के लिए विशेष शिक्षक भवन और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में सोलर पैनल प्रणाली का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही संस्था के वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन भी किया गया, जिसमें बीते वर्ष की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का खाका खींचा गया है।
कार्यक्रम का आरंभ अतिथियों द्वारा भारत माता, वीरांगना रानी दुर्गावती और भगवान बिरसा मुंडा के चित्रों पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ।नर्मदांचल विद्यापीठ की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और मनमोहक लोक नृत्य पेश कर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
विद्यालय के छात्र-खिलाड़ियों ने मध्य प्रदेश के गौरव, राजकीय खेल मलखंब का ऐसा सधा हुआ और साहसी प्रदर्शन किया कि हर कोई अचंभित रह गया।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने केंद्र की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा
”यहाँ जिस तरह से पिछड़े और गरीब वर्ग के बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सांस्कारिक विकास पर ध्यान दिया जा रहा है, वह सराहनीय है। यह परिसर ‘संकल्प से सिद्धि’ का एक जीता-जागता उदाहरण है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना था कि विकास की किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, और यह केंद्र उसी अंत्योदय के दर्शन को चरितार्थ कर रहा है।”
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि जहाँ भी अंधकार है, वहाँ शिक्षा का दीप जलाना ही राष्ट्र की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सह सरकार्यवाह श्री रामदत्त चक्रधर ने राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण को आवश्यक बताया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण अभियान की चर्चा करते हुए कहा 100 गांवों को चिन्हित कर उन्हें रोगमुक्त, व्यसनमुक्त, विवादमुक्त और क्षुधामुक्त बनाना।
”मेरा गांव, स्वस्थ गांव” के मंत्र के साथ हर गांव में सद्भावना बैठकों के माध्यम से सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया जाएगा।
वहीं, श्री राजकुमार मटोले ने जोर दिया कि जनजातीय विद्यार्थियों को ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले जिससे वे आत्मनिर्भर बनें और मातृशक्ति एवं नैतिक मूल्यों का सम्मान करने वाले जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
दिग्गज नेताओं और प्रशासन की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पर्यटन मंत्री श्री प्रीतम लोधी,शाहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और कई विधानसभा क्षेत्रों के विधायकगण उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया और पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
बरगांव का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार और समर्पित संस्थाएं मिलकर प्रयास करती हैं, तो सुदूर अंचलों में भी परिवर्तन की लहर उठती है। जनजातीय कल्याण केंद्र अब शिक्षा और संस्कारों की मशाल लेकर पूरे क्षेत्र को आलोकित करने के लिए तैयार है।


