Monday, November 2, 2026
Homeमध्यप्रदेशDigvijaya Singh: क्या दिग्विजय सिंह लेने जा रहे हैं राजनीतिक संन्यास? बयान...

Digvijaya Singh: क्या दिग्विजय सिंह लेने जा रहे हैं राजनीतिक संन्यास? बयान के बाद तेज हुई चर्चाएं

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने का ऐलान किया था, जिसे उन्होंने पूरी तरह गैर राजनीतिक बताया था. अब उन्होंने धर्म, राजनीति और राम मंदिर आंदोलन को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं, जिनकी प्रदेश की राजनीति में व्यापक चर्चा हो रही है.

बोले- अब मेरा लक्ष्य धर्म की सेवा है

दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने जीवन का बड़ा हिस्सा राजनीति में बिताया है और अब उनकी प्राथमिकता धर्म से जुड़े विषय हैं. उन्होंने कहा कि वह सनातन धर्म को अच्छी तरह समझते हैं और भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा विश्व हिंदू परिषद की कार्यशैली से भी परिचित हैं. उन्होंने बताया कि उनकी उम्र अब 80 वर्ष हो चुकी है और उन्हें राजनीति में पार्टी ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दीं. पांच बार विधायक, दो बार लोकसभा सदस्य और दो बार राज्यसभा सदस्य बनने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने स्वयं पार्टी से किसी दूसरे नेता को अवसर देने की बात कही थी.

दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि अब वह सक्रिय राजनीति से दूरी बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि आगे न तो राजनीतिक भाषण देंगे और न ही राजनीतिक मुद्दों पर पोस्ट करेंगे. उनका पूरा ध्यान धर्म से जुड़े विषयों पर रहेगा और अंतिम सांस तक धर्म की रक्षा के लिए कार्य करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि दशहरे के अवसर पर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा शुरू की जाएगी.

राम मंदिर आंदोलन और यात्रा को लेकर कही यह बात

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रस्तावित यात्रा में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े उन लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने आंदोलन के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना किया था. उन्होंने बताया कि कारसेवक संतोष दुबे, जिन्हें आंदोलन के दौरान गोलियां लगी थीं, इस यात्रा के प्रमुख अतिथि होंगे. उनका कहना था कि ऐसे लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए, जिन्होंने अपने स्तर पर आंदोलन में योगदान दिया.

परिवार की आस्था और राम मंदिर पर रखा पक्ष

दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका परिवार हमेशा भगवान राम में आस्था रखता आया है. उन्होंने दावा किया कि जब राम मंदिर निर्माण के लिए शिला पूजन अभियान चलाया गया था, तब उनके परिवार ने भी आर्थिक सहयोग किया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस से जुड़े होने का अर्थ यह नहीं है कि उनकी धार्मिक आस्था कम है. उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों और घटनाओं में पूर्ववर्ती सरकारों की भी भूमिका रही है.

चंपत राय पर लगाए गंभीर आरोप

अपने संबोधन के दौरान दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ मामलों पर सवाल भी उठाए. उन्होंने चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि आर्थिक लेनदेन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी जांच एजेंसियों को कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय को पत्र लिखने पर विचार कर रहे हैं. उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है.

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट