डिंडौरी/ शैलेश नामदेव / खबर डिजिटल/ मोटे अनाज (कोदो-कुटकी) की ब्रांड एम्बेसडर लहरी बाई से डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मुलाकात की। इस दौरान कलेक्टर ने परिवार का हाल जाना और तीन पीढ़ियों से चले आ रहे बीज संरक्षण को लेकर उनके काम की सराहना की।
यह भी पढ़ें –कृषक वर्ष 2026 का शुभारंभ: CM मोहन यादव की किसानों को बड़ी सौगात – Khabar Digital
डिंडौरी कलेक्टर ने ‘मिलेट्स क्वीन’ लहरी बाई से साझा की विकास की राह
डिंडौरी जिले के ग्राम पंचायत चाँड़ा (बजाग) के ग्राम सिलपिड़ी में प्रेरक दृश्य उस समय देखने को मिला जब डिंडौरी जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया अपनी पूरी प्रशासनिक टीम के साथ ‘मिलेट्स क्वीन’ और मोटे अनाज की ब्रांड एम्बेसडर लहरी बाई के घर पहुँचीं। कलेक्टर ने न केवल लहरी बाई के कार्यों को सराहा, बल्कि प्रोटोकॉल को किनारे रखकर उनके परिवार के साथ जमीन पर बैठकर चर्चा की।

तीन पीढ़ियों का संघर्ष
संवाद के दौरान लहरी बाई ने बताया कि मोटे अनाज (कोदो-कुटकी) को सहेजने का जुनून उनकी विरासत है। उन्होंने कहा, “यह मेरी तीसरी पीढ़ी है जो इस कार्य में लगी है। मेरी दादी का सपना था कि मोटे अनाज की खुशबू पूरे देश में फैले और लोग इसे खाकर स्वस्थ रहें।” कलेक्टर भदौरिया ने इस जज्बे को सलाम करते हुए आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके इस मिशन में हर कदम पर साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, “आपकी दादी का सपना अब अधूरा नहीं रहेगा, प्रशासन इसे साकार करने में आपका हरसंभव सहयोग करेगा।”
यह भी पढ़ें –अप्रैल में विद्यार्थियों को मिलेंगी साइकिल, शिक्षा मंत्री ने की घोषणा – Khabar Digital
152 प्रजातियों का अद्भुत ‘बीज बैंक’
निरीक्षण के दौरान लहरी बाई ने अपने घर में संचित मिलेट्स भंडार दिखाया, जिसमें 152 दुर्लभ प्रजातियों के बीज मौजूद हैं। वे किसानों को 1 किलो बीज निःशुल्क प्रदान करती हैं। फसल होने पर किसान उन्हें 1.5 किलो अनाज वापस करते हैं। इससे किसानों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और विलुप्त हो रही प्रजातियाँ सुरक्षित रहती हैं।
लहरी बाई के इस नवाचार को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) प्रबंधक को निर्देश दिए कि लहरी बाई को स्व-सहायता समूह के माध्यम से सरकारी योजनाओं का अनुदान दिलाया जाए ताकि उनके अन्न प्रसंस्करण (Processing) को आधुनिक और बेहतर बनाया जा सके।

लहरी बाई ने कहा, पहली बार कलेक्टर मेरे घर आई
भावुक होते हुए लहरी बाई ने कहा, “मेरे जीवन में पहली बार कोई महिला कलेक्टर मेरे घर आई हैं। मेरा पूरा परिवार और गाँव इस सम्मान के लिए हृदय से आभारी है।” इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम रामबाबू देवांगन सहित जनजातीय कार्य विभाग और एनआरएलएम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें –डिंडौरी: अवैध खनिज माफिया पर प्रशासन का कड़ा वार… समनापुर में संयुक्त कार्रवाई से दो ट्रैक्टर जब्त – Khabar Digital


