खबर डिजिटल/ Election Commission Action: मध्य प्रदेश में 15 गैर-मान्यता प्राप्त (बोगस) राजनीतिक दलों का पंजीयन रद्द कर दिया गया है। अब 23 और दलों पर गाज गिरने की तैयारी है। यह कार्रवाई केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर की गई है। पिछले 6 साल (2019 के बाद) से इन दलों ने प्रदेश में कोई भी चुनाव नहीं लड़ा। ऐसे में आयोग ने इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार, 23 दलों को यह बताना होगा कि उन्होंने चुनाव में भाग क्यों नहीं लिया। जवाब 15 दिन में देना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें भी राजनीतिक दलों की सूची से हटा दिया जाएगा।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने सोमवार को देशभर में ऐसे 476 गैर-मान्यता प्राप्त बोगस दलों को लेकर संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। इन्हीं में 23 दल मप्र के हैं। जबकि सर्वाधिक 121 यूपी, 44 महाराष्ट्र, 42 तमिलनाडु और 41 दिल्ली के हैं। बोगस दलों के मामले में मप्र देश में चौथे पायदान पर है। देशभर में गैर-मान्यता प्राप्त कुल राजनीतिक दलों की संख्या 2854 थी, जिसमें से 334 की छंटनी के बाद अब इनकी संख्या 2520 रह गई है। इनमें से अभी 476 और हटाए जा सकते हैं।
मप्र में रजिस्टर्ड ये दल हुए डी-लिस्ट
अंजुमन पार्टी उज्जैन, भारतीय जयभीम पार्टी जबलपुर, भारतीय ग्रामीण समाज पार्टी मुरैना, भारतीय जन लोक पार्टी झाबुआ, भारतीय सत्य संघर्ष पार्टी मंडला, गोंडवाना कांग्रेस पार्टी भोपाल, गोंडवाना मुक्ति सेना भोपाल, जय मानवता पार्टी भोपाल, जनता विकास पार्टी विदिशा, जन न्याय दल सागर, किसान मजदूर प्रजा पार्टी भोपाल, क्रांतिकारी किसान सेना भोपाल, लोकतांत्रिक सरकार पार्टी मुरैना, राष्ट्रीय वाहिनी पार्टी इंदौर, सवर्ण समाज पार्टी रीवा।


