भोपाल/ परवेज खान/ खबर डिजिटल/ देश की सीमा पर तैनात एक सैनिक का परिवार पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। आरोप है कि महिला थाना पुलिस ने निष्पक्ष जांच किए बिना पीड़ित परिवार के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कर दी, जिससे पूरा परिवार मानसिक प्रताड़ना झेलने को मजबूर है।
शादी के आठ दिन बाद पत्नी ने छोड़ा ससुराल
सैनिक राजू के भाई दीपक कुमार अहिरवार की शादी भोपाल निवासी वंदना परमार से हुई थी। परिजनों का कहना है कि शादी के महज आठ से दस दिन बाद ही वंदना परमार अपने मायके लौट गईं। परिवार का आरोप है कि दीपक का रंग काला होने के कारण वह उसके साथ नहीं रहना चाहती थीं।
सामाजिक तलाक के बाद भी बढ़ी परेशानी
परिजनों के अनुसार, आपसी सहमति से सामाजिक तौर पर तलाक हो गया था और शादी का सारा सामान भी वापस कर दिया गया। इसके बावजूद वंदना परमार द्वारा बाद में झूठी शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे पूरे परिवार पर कानूनी संकट खड़ा हो गया।
परिवार को मिल रही धमकियां
पीड़ित परिवार का दावा है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इससे परिवार भय और तनाव में जीने को मजबूर है।
न्याय की गुहार लेकर भोपाल पहुंचा सैनिक
कार्रवाई न होने से आहत सैनिक राजू राजधानी भोपाल पहुंचा और वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच व न्याय की मांग की है।


