राणापुर/नावेद रज़ा/खबर डिजिटल/राणापुर ब्लॉक के नगर एवं आसपास की ग्राम पंचायतों में किसानों को खाद की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (JAYS) के बैनर तले किसानों ने तहसीलदार राणापुर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि शासकीय सोसायटियों में किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। एक बीघा भूमि के लिए जहां 4–5 बोरी खाद की आवश्यकता होती है, वहीं कई किसानों को मात्र एक बोरी देकर ही वापस लौटा दिया जा रहा है। इससे फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
खाद की कमी के चलते किसान मजबूरी में खुले बाजार से खाद खरीदने को विवश हैं, जहां शासकीय दर ₹270 के बजाय ₹500 से ₹600 तक वसूली की जा रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सरकारी आंकड़ों में पर्याप्त आवंटन दर्शाया जाता है, लेकिन वितरण के समय सोसायटियों में खाद का अभाव बना रहता है, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
JAYS ने मांग की कि राणापुर नगर सहित अन्य क्षेत्रों में संचालित खाद दुकानों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि जब शासकीय सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं रहती, तो वही खाद निजी व्यापारियों तक कैसे पहुंच जाती है। साथ ही कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा दुकानों का संचालन न कर घरों से व्यापार किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया, जिससे छोटे और आदिवासी किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
JAYS की प्रमुख मांगें—
खाद के आवंटन और वितरण की निष्पक्ष जांच
किसानों को शासकीय दर पर पर्याप्त खाद की उपलब्धता
अधिक मूल्य वसूलने वालों पर सख्त कार्रवाई
कृषि उपज मंडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना
JAYS ने प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि यह ज्ञापन मेहनतकश आदिवासी किसानों की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास है, ताकि उन्हें समय रहते राहत मिल सके और खेती-किसानी सुचारू रूप से चल सके।


