जांच में सुस्ती पर कलेक्टर की नाराजगी, अनुपस्थित CMO को नोटिस, औचक निरीक्षण के निर्देश
सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी (31 मार्च) – जिले में मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है, जिस पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने साफ तौर पर कहा कि खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच में लगातार सुस्ती सामने आने पर कलेक्टर ने कड़ा कदम उठाते हुए तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई साफ दर्शाती है कि जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं है और आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।बैठक में यह भी सामने आया कि जिम्मेदार अधिकारी समय-सीमा बैठक जैसे महत्वपूर्ण मंचों को भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। बरही के मुख्य नगर पालिका अधिकारी की बिना सूचना अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जो प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल खड़े करता है।कलेक्टर ने नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री बनाने वाली फैक्ट्रियों, कारखानों, होटल और ढाबों पर औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को निगरानी बढ़ाने को कहा, जिससे यह स्पष्ट है कि जमीनी स्तर पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।इसके अलावा, पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों की जांच के निर्देश भी दिए गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि जिले में अन्य आवश्यक सेवाओं में भी अनियमितताओं की आशंका बनी हुई है।कुल मिलाकर, बैठक में सामने आई लापरवाही और अनियमितताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है, जिस पर अब सख्ती के साथ कार्रवाई शुरू की गई है।


