Gopal Bhargava: मध्य प्रदेश की राजनीति के फायर ब्रांड नेता और लगातार 9 बार के विधायक गोपाल भार्गव ने एक बार फिर अपने तेवरों से राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। सागर में आयोजित ब्राह्मण समाज के प्रांतीय सम्मेलन में भार्गव ने दो-टूक शब्दों में कहा कि जाति के सामने पार्टी कुछ नहीं होती और वर्तमान दौर में यही राजनीति की असली हकीकत है।
एकजुटता पर जोर
गढ़ाकोटा में प्रेम प्रसारिणी सनाढ्य सभा द्वारा आयोजित सर्व ब्राह्मण समाज सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोपाल भार्गव ने समाज की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। आज नौकरी, रोजगार और अधिकार आपके वोट की ताकत से तय होते हैं। भार्गव ने साफ शब्दों में कहा कि समाज के लोगों को अपनी जड़ों और जाति के प्रति वफादार रहना चाहिए, क्योंकि राजनीति में जाति का स्थान सर्वोपरि है।
सम्मान और मदद
सम्मेलन में समाज के 40 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान भार्गव ने संपन्न परिवारों से अपील की समृद्ध ब्राह्मण परिवारों को गरीब बच्चों की शिक्षा और कोचिंग के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से बच्चों को मुफ्त सुविधाएं देने का आग्रह किया ताकि वे देश और समाज का नाम रोशन कर सकें।
सारे कानून हमारे खिलाफ:गोपाल भार्गव
यह पहली बार नहीं है जब भार्गव ने समाज के पक्ष में इतनी तीखी बात कही हो। इससे पहले भी उनका एक बयान चर्चा में रहा था जिसमें उन्होंने कहा था कि आजकल सारे नियम-कानून ब्राह्मणों को दबाने और उनसे बदला लेने के लिए बन रहे हैं। उन्होंने बार-बार संगठनों को एकजुट होने की चेतावनी दी है ताकि समाज के हितों की रक्षा की जा सके। गोपाल भार्गव के इस बयान ने सियासी गलियारों में बहस छेड़ दी है कि क्या एक कद्दावर नेता के लिए पार्टी से ऊपर जाति की बात करना संगठन के लिए सही है? फिलहाल, उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


