घंसौर(सिवनी)/मनोज नामदेव/खबर डिजिटल/ सिवनी जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर दूरी पर स्थित घंसौर क्षेत्र इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अपने आप को मायूस महसूस कर रहा है, लगभग डेढ़ लाख की आबादी वाले इस ग्रामीण आदिवासी क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था अक्सर सवालों के घेरे में रही है, लगातार क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले जनप्रतिनिधि भी इस क्षेत्र को बेहतर उपचार की सुविधा दिला पाने में लगातार फैल दिखाई पड़ते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना रेफर सेंटर
घंसौर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महज एक रेफर सेंटर बनकर रह गया है, ऐसे में क्षेत्र के लोग एक बड़े जन आंदोलन की तैयारियां करने की तरफ देख रहे हैं। जिसको लेकर कहा जा रहा है कि कभी भी जनता अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर सकती है, क्योंकि उनको स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में आर्थिक हानि तो झेलनी ही पड़ रही है, उन्हें मानवीय हानि तक झेलनी पड़ती है।
सालों से जीत रहे सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते
अब सवाल यह खड़े होते हैं कि आखिर लगातार जनता की वोट लेने वाले सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और क्षेत्रीय विधायक योगेंद्र सिंह बाबा कर क्या रहे हैं ? आपको बता दें कि बात फग्गन सिंह कुलस्ते की करें तो लगातार वे घंसौर क्षेत्र जो कि मंडला लोकसभा में आता यहां से वे 1996 से चुनाव लगातार जीतते आ रहे हैं, बीच में एक पंचवर्षीय छोड़कर क्षेत्र की जनता ने लगातार उन्हें चुनाव जीतने में मदद की है, परंतु इसके बाद भी लाखों आदिवासी जनता को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है जो कि एक सोचनीय विषय है।
कई सालों से विजयी हो रहे योगेंद्र सिंह बाबा
इसी प्रकार लखनादौन विधानसभा से योगेंद्र सिंह बाबा लगातार तीन बार से विधायक हैं, मगर उनके द्वारा क्षेत्र से चुनाव जीतने के बाद दूरियां बना लीं जातीं हैं, और वे भी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकारों से सवाल करने में नाकाम साबित दिखते हैं। घंसौर क्षेत्र की जनता चुनाव के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है, लगातार क्षेत्र में हृदय रोग से नए-नए युवाओं को दम तोड़ते देख जनता में आक्रोश पनप रहा है, जो एक जन आंदोलन का रूप लेते दिख रहा है।
सांसद और विधायक की तलाश !
परन्तु घंसौर क्षेत्र में न तो विधायक का पता है न ही सांसद का और जब भी कहीं स्वास्थ्य सुविधाओं की बात आती है, इनसे जुड़े कुछ पिछलग्गू नेता इनके पत्र सोशल मीडिया में डालकर यह बताने का प्रयास करते हैं कि सबकुछ ठीक है, मगर असल में घंसौर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को अपडेट करने की लगातार मांग उठ रही है, जो जायज भी है। पर जनता के ये चुने हुए जनप्रतिनिधियों को दिल्ली भोपाल से फुर्सत नहीं है, ये न तो कभी क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते न ही कोई सुध तो सवाल तो बनता है कि आदिवासियों के नाम से राजनीति चमकाने वाले इन राजनेताओं को जनता चुनाव जिताए आखिर क्यों ?


