MP 395 IAS Order: मध्य प्रदेश में पदस्थ IAS अधिकारियों के वार्षिक कामकाज के लेखा-जोखा यानी परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली और मूल्यांकन दर्ज करने की समय-सीमा को सभी स्तरों पर एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। केंद्र के इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश शासन ने भी आदेश प्रभावी कर दिए हैं, जिससे सूबे के 395 आईएएस अधिकारियों को अपने स्वमूल्यांकन के लिए 30 दिनों का अतिरिक्त समय मिल गया है।
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पहले आईएएस अधिकारियों को वर्ष 2025—26 के लिए अपना स्वमूल्यांकन कार्य 31 मई 2026 तक हर हाल में पूरा करना था। अब अधिकारी अपनी परफॉर्मेंस रिपोर्ट 30 जून 2026 तक ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। संबंधित रिपोर्टिंग अधिकारी इस रिपोर्ट पर अपनी समीक्षा और टिप्पणी 31 अगस्त 2026 तक अंकित करेंगे। रिव्यू करने वाले शीर्ष अधिकारी इस पूरी फाइल पर अपना अंतिम मत 31 अक्टूबर 2026 तक दर्ज कर सकेंगे। इस पूरी अप्रेजल रिपोर्ट को अंतिम रूप से स्वीकार करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।
लापरवाही पर ऑटो-फॉरवर्ड का हंटर
इस बार सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को कड़ा और डिजिटल रूप से फुलप्रूफ बनाया है ताकि कोई भी अफसर इसे ठंडे बस्ते में न डाल सके। सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि कोई आईएएस अफसर तय डेडलाइन के अंदर अपना स्वमूल्यांकन सबमिट नहीं करता है, तो सॉफ्टवेयर के जरिए वह फाइल अपने आप अगले स्तर पर फॉरवर्ड हो जाएगी। इसके साथ ही, यदि रिव्यू करने वाले या टिप्पणी दर्ज करने वाले सीनियर अफसरों ने भी तय समय-सीमा में अपनी राय दर्ज नहीं की, तो इसे उनकी प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
