Wednesday, November 4, 2026
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ग्वालियर में पुलिस अफसरों पर डकैती और वसूली का केस दर्ज, पूर्व SP समेत चार को कोर्ट का समन

 ग्वालियर। विशेष सत्र अदालत ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश चंदेल, थाटीपुर थाना प्रभारी (TI) सुरेंद्र नाथ सिंह, सब इंस्पेक्टर (SI) अजय सिंह और हवलदार संतोष वर्मा के खिलाफ डकैती, लूट और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने सभी आरोपियों को 22 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया है। यह मामला कथित अवैध वसूली और पुलिस कार्रवाई को लेकर सामने आया है, जिसकी सुनवाई पिछले दो साल से चल रही थी।

थाटीपुर थाने से शुरू हुआ पूरा विवाद
मामला साल 2024 का है। शिकायतकर्ता अनूप राणा ने अदालत में आरोप लगाया कि उसके परिवार से करीब 30 लाख रुपए की अवैध वसूली की गई। अनूप राणा के मुताबिक उसके भाई के खिलाफ थाटीपुर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज था। हालांकि बाद में फरियादी और आरोपी पक्ष के बीच समझौता हो गया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस लगातार दबाव बनाती रही।

कोर्ट में पेश दलीलों के अनुसार, पहले पुलिस अधिकारियों ने मामले को खत्म करने के नाम पर 5 लाख रुपए लिए। इसके बाद भी पैसों की मांग जारी रही। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह के निर्देश पर हवलदार संतोष वर्मा ने उसके घर से 9.50 लाख रुपए और एक महिला आरोपी के घर से करीब 15 लाख रुपए वसूले।

SP को शिकायत करने पर बढ़ीं मुश्किलें
अनूप राणा ने मामले की लिखित शिकायत तत्कालीन SP राजेश चंदेल से भी की थी। लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय पूरा मामला फिर से थाटीपुर थाने भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने अनूप राणा को ही आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि वह खुद इस कथित ठगी का शिकार था और अपने भाई की मदद के लिए थाने पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने उसे ही अपराधी बना दिया। इसी के बाद उसने अदालत की शरण ली और साल 2024 में परिवाद दायर किया। मामले की लगातार सुनवाई के बाद अब कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

CCTV फुटेज पर अदालत ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने थाटीपुर थाने के CCTV फुटेज पेश करने के निर्देश दिए थे। इस पर पुलिस विभाग की ओर से कहा गया कि 3 जनवरी 2024 से पहले के फुटेज डिलीट हो चुके हैं। अदालत ने इस जवाब पर सख्त नाराजगी जताई और रिकॉर्ड में इसे गंभीर तथ्य माना।सुनवाई के दौरान रेडियो पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट का भी जिक्र सामने आया। जांच में थाने के कुछ कर्मचारियों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी कोर्ट के सामने रखी गई। अदालत ने इस दस्तावेज को भी रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया।

सोमवार को विशेष सत्र अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए पूर्व SP सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, लूट और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया। शिकायतकर्ता पक्ष के अधिवक्ता अशोक प्रजापति ने अदालत के आदेश की पुष्टि की है।

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