भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को आज दिल्ली तलब किया गया था। कहा जा रहा था कि यह उनकी रुटीन संगठनात्मक मुलाकात है। फिर भी अंदरखानों के अनुसार संगठन की पतली होती हालत को लेकर दिल्ली दरबार के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रहा है। एक तरफ दतिया उपचुनाव की करारी हार, और उसके बाद कई जगहों पर उपचुनाव की लटकी तलवार। जिस पर फिलहाल तो पर्दा डल गया, जिसको लेकर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व निगाहें जमाए बैठा है।
हेमंत खंडेलवाल से बीएल संतोष की लंबी चर्चा
मंगलवार को हेमंत खंडेलवाल ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात की। जानकार बता रहे हैं कि मुलाकात की शुरुआत मुस्कुराहट से हुई, लेकिन उसके बाद जब खंडेलवाल बीएल संतोष से मिलकर आए, तो उनका चेहरा कुछ और ही बयां कर रहा था। बताया जा रहा है कि प्रदेश के ही एक नाराज गुट ने अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाई है, जिसमे गलतियों का पुलिंदा पेश किया गया है कि किस तरह से संगठन कमजोर स्थिति में पहुंचता जा रहा है।
Big Blast: 10 सितंबर को क्या होगा एमपी की सियासत में… दिल्ली में मध्यप्रदेश की सियासत को लेकर हलचल!
इंदौर महानगर को लेकर विशेष चर्चा
मध्यप्रदेश का आर्थिक राजधानी कहलाने वाले और संघ का सबसे बड़ा केंद्र कहे जाने वाले इंदौर शहर में जिस तरह से राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है, ये बीजेपी के बड़े नेताओं को रास नहीं आ रहा है। इसके लिए सीधे-सीधे संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहा है। राजनीतिक पंडितों के अनुसार बीजेपी में पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इससे अलग नए कार्यकर्ता तैयार करना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। खासकर युवा मतदाताओं का बीजेपी से दूर होना, पार्टी आलाकमान को रास नहीं आ रहा, जिसके चलते हेमंत खंडेलवाल को कोई नई रणनीति का ब्यौरा पेश करने को कहा गया है।
अजय जामवाल की महत्वपूर्ण भूमिका
पार्टी सूत्र जानकारी दे रहे हैं कि क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने प्रदेश से बाहर होने के बावजूद मध्यप्रदेश के तमाम नेताओं से फोन पर चर्चा कर विभिन्न विषयों पर फीडबैक लिया है। जिसके बाद अब हेमंत खंडेलवाल को दिल्ली बुलाया गया था। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएलसंतोष से डेढ़ घंटे की मुलाकात में आप समझिए कि पूरे मध्यप्रदेश की एक्स-रे रिपोर्ट हेमंत को बता दी गई। वहीं अब
बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव दुबई से भोपाल पहुंच रहे हैं, तो माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश की राजनीति में बहुत सारे नए-नए समीकरण नए-नए मोड़ आने वाले हैं।
Badi Khabar: मोहन भागवत के भाषण की दिग्विजय सिंह ने की तारीफ… सियासी गलियारों में चर्चा तेज
