नाले पाटकर सड़क, एग्रीकल्चर लैंड पर प्लॉटिंग… जिम्मेदार अधिकारी बने तमाशबीन
कटनी (म.प्र.)शहर में अवैध प्लॉटिंग का खेल अब किसी छुपे हुए अपराध की तरह नहीं, बल्कि खुलेआम चल रहे ‘सिस्टम फेल’ का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। नगर निगम सीमा अंतर्गत रपटा पेट्रोल पंप के सामने रोड से लेकर एग्रीकल्चर लैंड तक और दुबे कॉलोनी के अरुसी अपार्टमेंट के पीछे माई घाट नदी किनारे तक भू-माफियाओं ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए कब्जे और प्लॉटिंग का जाल बिछा दिया है।सूत्रों के मुताबिक, नदी किनारे बहने वाले नाले को पूरी तरह पाटकर कच्ची सड़क तैयार कर दी गई, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही कर अवैध प्लॉटिंग को बढ़ावा दिया जा सके। सवाल ये है कि आखिर यह सब किसकी शह पर हो रहा है?प्रशासन के आदेश… सिर्फ कागजों तक सीमित!राज्य स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर सीधे एफआईआर दर्ज हो, प्लॉटिंग को ध्वस्त किया जाए और करोड़ों का जुर्माना लगाया जाए। लेकिन कटनी में ये आदेश सिर्फ फाइलों में दबकर रह गए हैं।ना कोई कार्रवाईना कोई नोटिसना कोई ध्वस्तीकरणयानी आदेश हवा में, और माफिया जमीन पर हावी!जिम्मेदार अधिकारी क्यों मौन?नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि भू-माफिया बेखौफ हैं अधिकारी नतमस्तक दिख रहे हैंस्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम प्रशासन और भू-माफियाओं के बीच गठजोड़ के बिना इतना बड़ा खेल संभव ही नहीं।बिना अनुमति, बिना सुविधा – जनता के साथ धोखायह अवैध प्लॉटिंग बिनाटाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमतिभूमि के आवासीय परिवर्तनके की जा रही है।इसका सीधा नुकसान उन भोले-भाले खरीदारों को होगा, जिन्हें भविष्य मेंसड़कपानीबिजलीसीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ेगा।बड़ा सवाल:क्या कटनी में कानून सिर्फ आम जनता के लिए है?क्या भू-माफियाओं के सामने प्रशासन पूरी तरह झुक चुका है?या फिर सब कुछ ‘मिलीभगत’ का खेल है?निष्कर्ष अगर जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला सिर्फ अवैध प्लॉटिंग का नहीं रहेगा, बल्कि कटनी में प्रशासनिक विफलता और भ्रष्ट गठजोड़ का सबसे बड़ा उदाहरण बन जाएगा।“Illegal Plotting Nexus in Katni: Officials Silent, Land Mafia Fearless”


