P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशकटनीजमीन पर काम करने वाला ही असली पत्रकार” — परिषद का बड़ा...

जमीन पर काम करने वाला ही असली पत्रकार” — परिषद का बड़ा बयान

सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी– शहर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद की अहम बैठक ने पत्रकारिता जगत में हलचल पैदा कर दी। संगठन की मजबूती, पत्रकारों के अधिकार और फर्जी पत्रकारों के मुद्दे पर खुलकर चर्चा हुई, जिसमें कई बड़े और ठोस फैसले लिए गए।बैठक की अध्यक्षता संभागीय पदाधिकारी भारत भूषण श्रीवास्तव ने की, जबकि जिला अध्यक्ष गोपाल सिंघानिया के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिलेभर से पहुंचे पत्रकारों ने एकजुटता का मजबूत संदेश दिया। क्या रहे बड़े फैसले? कटनी में बनेगा परिषद का कार्यालयपत्रकारों की पहचान और संगठन को मजबूती देने के लिए जिले में स्थायी कार्यालय की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। परिषद ने साफ कहा—अब बिना कार्यालय के काम नहीं चलेगा। प्रशासन से सीधा तालमेलपत्रकारों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सक्रिय सदस्यों की सूची कलेक्टर, एसपी और जनसंपर्क विभाग को सौंप दी गई है। इसका सीधा असर—फर्जी पत्रकारों पर लगेगी लगाम। “कौन है असली पत्रकार?”—परिषद का बड़ा बयानबैठक में सबसे बड़ा और तीखा मुद्दा रहा—पत्रकार की पहचान। परिषद ने दो टूक कहा:“वही पत्रकार है जो जमीन पर उतरकर जनता के मुद्दे उठाता है, न कि सिर्फ नाम के लिए पहचान बनाता है।” स्वघोषित संगठनों पर सख्त चेतावनीनिजी हितों के लिए पत्रकारों की फर्जी पहचान बनाने वालों पर परिषद ने सख्त रुख अपनाया और ऐसे प्रयासों को पूरी तरह खारिज कर दिया। संदेश साफ: अब होगी असली पत्रकारिता की लड़ाईबैठक के अंत में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता का स्तर गिर रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि ईमानदार पत्रकार एकजुट होकर “चौथे स्तंभ” की गरिमा बचाएं। परिषद ने साफ कर दिया— संगठन सिर्फ उन्हीं के साथ खड़ा होगा जो सच्चाई के साथ पत्रकारिता कर रहे हैं।प्रमुख उपस्थिति:संतोष उपाध्याय, अजय त्रिपाठी, कृपानंद तिवारी, राजेन्द्र राठौर, मनोज प्यासी, प्रमोद खमपरिया, संजीव श्रीवास्तव, अनिरुद्ध बजाज, पुष्पेंद्र मोदी, राजेश सिंघई, अरविन्द गुप्ता, प्रकाश जैन, सुनील रावत, अशोक अग्रवाल, संतोष गुप्ता, संदीप शर्मा, आशीष दुबे, विकास श्रीवास्तव, अनुज कोरी, हंसराज सिंह, अभिमन्यु विश्वकर्मा, सौरभ श्रीवास्तव सहित अनेक पत्रकार मौजूद रहे। निष्कर्ष:कटनी की यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पत्रकारिता में चल रही खींचतान और विश्वसनीयता के संकट के बीच एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इसका असर पूरे जिले की पत्रकारिता पर देखने को मिल सकता ह

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट