इंदौर/भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में घी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रतिष्ठित ब्रांड के घी के नमूने जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरने के बाद अब इंदौर में भी बड़ी कार्रवाई की गई है। एफएसएसएआई और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने गोवर्धन और गोपी श्री ब्रांड के घी के स्टॉक पर बिक्री प्रतिबंध लगाते हुए नमूने जांच के लिए भेजे हैं। जानकारी के मुताबिक, पिछले करीब दस दिनों में भोपाल, डिंडोरी समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लिए गए 12 ब्रांड के घी के नमूने राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में फेल हुए हैं। जांच में कुछ नमूनों को मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित भी पाया गया है। इसी क्रम में भोपाल से लिए गए गोवर्धन और डिंडोरी से लिए गए गोपी श्री ब्रांड के घी के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरने के बाद इंदौर में संबंधित स्टॉक की जांच शुरू की गई।
गोवर्धन के 25 हजार लीटर घी की बिक्री रोकी
एफएसएसएआई और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने एबी रोड स्थित गोल्डन पैलेस कॉलोनी में पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के डिपो का निरीक्षण किया। यहां पुणे में निर्मित गोवर्धन ब्रांड घी का भंडारण पाया गया। यह डिपो मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में घी की सप्लाई करता है। जांच दल ने अलग-अलग पैकिंग साइज में गोवर्धन घी के 20 नमूने लिए हैं। रिपोर्ट आने तक करीब 25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस स्टॉक की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई गई है।
गोपी श्री का 312 लीटर स्टॉक जब्त
इसी कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने साउथ हरसिद्धि स्थित भावण्या एंटरप्राइजेज से गोपी श्री ब्रांड घी के चार नमूने लिए। करीब 312 लीटर घी को जांच रिपोर्ट आने तक जब्त कर दिया गया है। जब्त स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 1.34 लाख रुपये बताई गई है।
जांच में वेजीटेबल फैट और अधिक लेड मिलने का दावा
इससे पहले 29 जुलाई को भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रसालखेड़ी स्थित नर्मदा सेल्स कॉर्पोरेशन से द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन और भूमि ब्रांड के करीब 1,500 किलो घी को जब्त किया था। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला जांच में घी के नमूने में वेजीटेबल फैट पाया गया, जबकि घी में इसकी मौजूदगी मानकों के विपरीत है। इसके अलावा लेड और अल्फा टोकोफेरॉल की मात्रा भी निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने की बात सामने आई। राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में हाल के दिनों में फेल हुए 12 नमूनों में से छह नमूने भोपाल के प्रतिष्ठानों से लिए गए थे।
दुकानों और सुपर स्टोर्स पर उपलब्ध स्टॉक को लेकर सवाल
इंदौर में संबंधित डिपो के स्टॉक पर फिलहाल बिक्री प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन शहर के थोक बाजारों, किराना दुकानों और सुपर स्टोर्स में पहले से पहुंच चुका स्टॉक अभी बाजार में उपलब्ध है। अधिकारियों के मुताबिक, इन स्थानों पर उपलब्ध घी की बिक्री फिलहाल स्वत: नहीं रोकी गई है। यदि जांच में संबंधित नमूने अमानक या मिलावटी पाए जाते हैं, तो आगे की कार्रवाई के तहत बाजार में मौजूद स्टॉक की बिक्री पर भी रोक लगाई जा सकती है।
रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों से भी लिए नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिकायत के आधार पर विजयनगर स्थित एक रेस्टोरेंट का निरीक्षण भी किया। यहां रसोई परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पर्याप्त पालन नहीं मिलने पर प्रतिष्ठान को सुधार सूचना पत्र जारी किया जा रहा है। टीम ने रेस्टोरेंट से पनीर, दही और मसालों के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे हैं। इसके अलावा महू स्थित एक प्रतिष्ठान से बेसन, मिठाई, शक्कर और नमकीन के छह नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं।
