शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ डिंडोरी। मध्य प्रदेश नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री तथा जिले की प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक ली। बैठक में विकास कार्यों की सुस्ती और गुणवत्ता में कमी को लेकर मंत्री के कड़े तेवर देखने को मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर एक हफ्ते में रिपोर्ट तलब
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जबलपुर-डिंडोरी नेशनल हाईवे के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और ठेकेदारों की मनमानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। प्रभारी मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। भ्रष्टाचार या तकनीकी गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों की समस्या और बांधों की बदहाली
शाहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने सर्वर डाउन होने के कारण किसानों के ऑनलाइन पंजीयन में आ रही बाधाओं से अवगत कराया। साथ ही, उन्होंने बिलगढ़ा, दुधवा, दनदना और मुड़की बांधों की समय पर मरम्मत न होने का मुद्दा भी उठाया, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। मंत्री ने इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
समिति सदस्य डॉ. सुनील जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिले में 137 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 47 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इस भारी कमी पर चिंता जताते हुए प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को डॉक्टरों की नियुक्ति का प्रस्ताव तुरंत भोपाल भेजने के निर्देश दिए और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता का आश्वासन दिया।
अनुपस्थित अफसरों पर गाज
जिले के पारंपरिक हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए एक नई रणनीति पर चर्चा की गई, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। वहीं, बिना सूचना बैठक से नदारद रहने वाले अधिकारियों पर मंत्री बेहद नाराज दिखीं और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए। बैठक में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और विधायक ओंकार सिंह मरकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


