मनीष तिवारी/ खबर डिजिटल/ जबलपुर/ पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लखन घनघोरिया ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और आर्थिक कुप्रबंधन को लेकर तीखा हमला बोला है। जबलपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने देश के वर्तमान हालातों को बद से बदतर करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों की सबसे अधिक मार गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रही है।
विदेश नीति और आत्मसम्मान पर सवाल
विधायक घनघोरिया ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और उसका वैश्विक आत्मसम्मान उसकी विदेश नीति की मजबूती पर टिका होता है। उन्होंने केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार खुद को विश्व गुरु घोषित करने में लगी है, तो दूसरी तरफ अमेरिका जैसी महाशक्तियों के सामने नतमस्तक नजर आती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक विफलता के कारण देश का रसूख प्रभावित हो रहा है।
नीतियों में स्पष्टता का अभाव
कांग्रेस विधायक ने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली को संवेदनशून्य बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र की नीतियों में स्पष्टता और दूरदर्शिता की भारी कमी है। रणनीतिक अस्पष्टता का खामियाजा आज देश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। घनघोरिया के अनुसार, सरकार केवल प्रचार-प्रसार में व्यस्त है, जबकि धरातल पर उसकी पकड़ ढीली होती जा रही है।
महंगाई और गैस सिलेंडर की किल्लत पर प्रहार
आर्थिक मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए लखन घनघोरिया ने गैस सिलेंडर की भारी किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार आम नागरिक की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में भी पूरी तरह विफल रही है। रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है।
सुधार की अपील
अपने संबोधन के अंत में विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो देश के हालात और भी अधिक बिगड़ सकते हैं। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि वे अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करें और ऐसी योजनाएं लागू करें जिससे आम जनता को वास्तविक राहत मिल सके।


